किसी का क्या जो कदमो पर, जबी ए बंदगी रख दी। हमारी चीज थी हमने, जहाँ जानी वहां रख दी। जो दिल माँगा तो वो बोले, ठहरो याद करने दो। जरा सी चीज थी हमने, न जाने कहाँ रख दी।।… Read More
किसी का क्या जो कदमो पर, जबी ए बंदगी रख दी। हमारी चीज थी हमने, जहाँ जानी वहां रख दी। जो दिल माँगा तो वो बोले, ठहरो याद करने दो। जरा सी चीज थी हमने, न जाने कहाँ रख दी।।… Read More
चाह नहीं मैं एम.पी. बनकर, संसद में बहस लगाऊँ चाह नहीं मैं वक्ता बनकर, दुनिया को हीं मूर्ख बनाऊँ चाह नहीं मैं पहलवान बनकर, कमजोरों को खूब सताऊँ चाह नहीं मैं मालिक बनकर, ऑर्डर नौकर पर बेहिसाब चलाऊँ चाह नहीं… Read More
समय ने चली अपनी चाल, बिखर गये बड़े बड़े विध्दामान। न धर्म काम आया किसी का, न काम आया अब ये विज्ञान। बहुत छेड़छाड़ कर रहे थे, प्राकृतिक सनसाधन और संपदा का। तो स्वंय प्रकृति ने ही, रच दिया माहामारी… Read More
भारत पाक कारगिल युद्ध विजय अभियान जब भू पर मर्यादा भंग हो सदा बहते वीरों के खून रहे हो अमन चैन कैसे जब उर में दुश्मन का चढ़ा जुनून रहे कारगिल पर कब्जा करके बने दुश्मन अफलातून रहे देश प्रेमी… Read More
फुर्सत है तो कोई भी, मिलने नहीं आता हाल दिल का कोई, समझने नहीं आता हर कोई गुमसुम सा बस क़ैद है घर में, अबतो कोई यार भी, अटकने नहीं आता वीरान सडकों पर दिखते हैं बस मवेशी, अब तो… Read More
घूँट ज़हर के अब पी बहुत लिये है, ज़रा एक घूँट अमृत का भी पी लेने दे, “ए जिंदगी” कुछ पल तो मुझको अपनी मर्जी से जी लेने दे। कुछ समाज की बंदिशों ने रोका, कुछ अपनों ने है मुझको… Read More
कुछ सपने थे जो टूट गए, कुछ अपने थे जो छुट गए, पहले तो कुछ ना आभास था, यह भी होगा, ना विश्वास था, पर होनी तो होकर गुजरी, सब सगे स्नेह से लूट गए, कुछ सपने थे जो टूट… Read More
नयनों का जल ढ़रक ना जाये आत्मा फिर तेरी धधक ना जाये। नारी अपने मन की बातें, रहने दे मर्यादा में हीं तू मत कर बेवजह की बातें, आग ना लगा तू तन मन में आज नहीं आयेंगे कान्हा जग… Read More
हम सब एक दिन मर जाएंगे। इस संसार से मुक्ति पा जायेंगे। और छोड़ जाएंगे अपनी लेखनी व कर्म। जिस के कारण ही याद किये जाएंगे।। शब्दो के वाण दिल को बहुत चुभते है। दिलसे जुड़ी बातों को ही याद… Read More
कैसा ये दौर आ गया है, जिसमें कुछ नहीं रहा है। और जिंदगी का सफर, अब खत्म हो रहा है। क्योंकि इंसानों में अब, दूरियाँ जो बढ़ रही है। जिससे संगठित समाज, अब बिखर रहा है।। इंसानों की इंसानियत, अब… Read More