ना जियो धर्म के नाम पर, ना मरों धर्म के नाम पर, इंसानियत ही है धर्म वतन का, बस जियों वतन के नाम पर हैपी रिपब्लिक डे +30
ना जियो धर्म के नाम पर, ना मरों धर्म के नाम पर, इंसानियत ही है धर्म वतन का, बस जियों वतन के नाम पर हैपी रिपब्लिक डे +30
सपनों को लेकर मन में उड़ाएंगे पतंग आसमान में , ऐसी भरेगी उड़ान ये पतंग, जो भर देगी जीवन में खुशियों की तरंग मकर संक्रांति की हार्दिक हार्दिक शुभकामनाएं! 00
दिवस बदलते, माह बदलते, बदले कैलेंडर, बदले कई वार । चलो मनाएं ,नई सुबह पर, नए वर्ष का ,नया त्योहार । धरा वही ,आसमां वही है, लगे नया ,भव-पारावार । वर्ष नया , कैलेंडर बदला, सोच भी बदलें, अब की… Read More
बोलो जुबाँ केसरी (व्यंग्य) ‘कितने ऐश से रहते होंगे कितने इतराते होंगे जाने कैसे लोग वो होंगे जो उसको भाते होंगे “ जी हाँ उसको गुटखा बहुत भाता था ,वो गुटखे के बिना न तो रह सकता था और न… Read More
कोई कहता हैप्पी न्यू *Year* । कोई कहे अपना नहीँ *Dear* । अपने मन में क्यों हो *Fear* । कैलेंडर बदले है *Gear* । नया साल है बिल्कुल *Near* । दस्तक door पर करता वो *Hear* । दुखियों के हम… Read More
1857 का समय भारतीय विद्रोह के नाम से भी जाना जाता है। ये ब्रिटिश शासन के विरुद्ध सशस्त्र विद्रोह था। यह विद्रोह दो वर्षों तक भारत के अवध क्षेत्रों में चला। इस ‘सत्तावनी क्रांति’ का आरंभ छावनी क्षेत्रों में छोटी-छोटी… Read More
कही पर बहुत खुशाली है कही पर बहुत उदासी है। कही पर यश कीर्ति है। कही पर नाम मात्र है।। न गमो में उदास रहते है। न खुशी में उछलते है। समानता के भाव हम। सदा ही दिलमें रखते है।।… Read More
सावन का महीना चल रहा शिव-पार्वती जी का आराम। गृहस्थ और कुवारों को भी काम काज से मिली है छुट्टी। जिसके चलते कर सकते है शिव पार्वती जी की भक्ति। श्रध्दा भक्ति हो गई कबूल तो मिल जायेंगे साक्षात तुम्हें… Read More
गुरु चरणों में गुरुदेव मेरे, गुरुदेव मेरे, चरणों में अपने, हमको बैठा लो। सेवा में अपनी, हमको लगा लो, गुरुदेव मेरे, गुरुदेव मेरे। मुझको अपने भक्तो की, दो सेवादारी। आयेंगे सत संघ सुनने , जो भी नर नारी। मैं उनका… Read More
बापू तेरे तीन बंदरो का, अब से अनुसरण कर रहा हूँ। और आज तेरे जन्मदिवस पर, श्रद्धा सुमन अर्पण कर रहा हूँ। आज़ादी तो मिल गई भारत माँ को। पर अबतक समझ नहीं पाया, की क्या मिला इससे हमको।। तेरे… Read More