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हिंदी भाषा और बोलियाँ

हिंदी भाषा एवं बोलियाँ

साहित्य सिनेमा सेतु यूट्यूब के इस चैनल में भाषा एवं बोलियाँ, पर्यायवाची, विलोम शब्द, रस, छंद, अलंकार, मुहावरे, लोकोक्तियाँ, वर्तनी शुद्धि, शब्द, वाक्य, समास, संधि, रचना संसार आदि विषयों का समग्र सार है। साथ ही सभी प्रश्नों के उत्तर प्रत्येक… Read More

ज़िंदा रहे तो

ग़ज़ल : ज़िंदा रहे तो कल की सहर देखेंगे

गर ज़िंदा रहे यारो,तो कल की सहर देखेंगे रस्ते से हटे कांटे,तो अपनी भी डगर देखेंगे डर डर के जी रहे हैं बंद कमरों में आजकल, गर बदलेगा समां,तो आगे का सफ़र देखेंगे जाने आ जाएँ कब गिरफ़्त में करोना… Read More

yatri

संस्मरण : यात्री हूँ मैं

जीते-जागते निकल जाता हूँ द्वन्द्व के दुर्गम मार्ग को, युद्ध होता है विचारों के विशाल अवनि पर जीत है, हार है स्वीकार है, तिरस्कार है निंदा-स्तुति है, मान-अपमान है मानव के इस जग में, अंतरंग के संगम क्षेत्र में समेटकर… Read More

Children Top Ten Songs

बच्चों के टॉप टेन फिल्मी गाने

बच्चों के टॉप टेन फिल्मी गाने- 1. गाना: चुन चुन करती आई चिड़ियाँ फिल्म: अब दिल्ली दूर नहीं, वर्ष: 1957, गीतकार: हसरत जयपुरी 2. गाना: लकड़ी की काठी फिल्म: मासूम, वर्ष:1983, गीतकार: गुलज़ार 3. गाना: नानी तेरी मोरनी को मोर ले… Read More

my poems

मेरी कविताएँ

संघर्ष दहशत से भरी दुनियाँ अजनबी से लोग, बिन पहचाने से रास्ते रसूखदारों की अपनी ही बातें नवाबी कारण कार्य बिना नाम पहचान नहीं व्यस्तता का एक राग अलाप न जाने इंसान गढ़ा था खुदा ने बन गए यहां सभी… Read More

prakriti

कविता : प्रकृति, संस्कृति एवं संसृति

द्वितीय रूप तो अति कोमल, मधुर, स्वभाव है !! राम, कृष्ण, गौतम, तुलसी हो, हो कबीर की नाना चौकी ! नारी ने वो पाठ – पढ़ाया, जिसे आज तक किसी ने न भुला पाया !! ऐसी बेटी को प्रणाम है,… Read More

corona

कोरोना की दूसरी लहर का कहर

कोरोना की गति फिर से तेज है बुलेट ट्रेन की स्पीड लिए है।। बिना मास्क के पहने लोग इसे हरी झंडी दिखाए कोरोना दिन पे दिन बढ़ता जाए।। कोरोना की दूसरी लहर का खौफ बढ़ता जाए दिन दोगुनी उन्नति करता… Read More

Maan

कविता : माँ

एक अक्षर का शब्द है माँ, जिसमें समाया सारा जहाँ। जन्मदायनी बनके सबको, अस्तित्व में लाती वो। तभी तो वो माँ कहलाती, और वंश को आगे बढ़ाती। तभी वह अपने राजधर्म को, मां बनकर निभाती है।। माँ की लीला है… Read More

narirup

कविता : उठो नारी

तुम्हें अब उठना होगा नारी,क्यों तू हारी तोड़ चुप्पी अपनी आवाज़ उठानी होगी    बहुत सह लिया तुमने अब नहीं सहेगी   बहुत जिया अपनों के लिए  तुम्हें अब अपने लिए भी जीना होगा…. देखा जाएगा जो भी होगा यह ख़ुद… Read More

holi kaise manaun

कविता : होली का रंग

तुम्हें कैसे रंग लगाएं, और कैसे होली मनाएं ? दिल कहता है होली, एक-दूजे के दिलों में खेलो क्योंकि बहार का रंग तो, पानी से धुल जाता है पर दिल का रंग दिल पर, सदा के लिए चढ़ा जाता है॥… Read More