श्रध्दा भक्ति विनय समर्पण, का इतना फल हो। मेरी दीक्षा गुरुवर तेरे, कर कमलो से हो। जन्म जन्म से भाव संजोये, दीक्षा पायेगे। नग्न दिगंबर साधू बनकर, ध्यान लगायेंगे। अनुकम्पा का बरदहस्त यह, मेरे सिर धर दो।। मेरी दीक्षा गुरुवर… Read More
श्रध्दा भक्ति विनय समर्पण, का इतना फल हो। मेरी दीक्षा गुरुवर तेरे, कर कमलो से हो। जन्म जन्म से भाव संजोये, दीक्षा पायेगे। नग्न दिगंबर साधू बनकर, ध्यान लगायेंगे। अनुकम्पा का बरदहस्त यह, मेरे सिर धर दो।। मेरी दीक्षा गुरुवर… Read More
नेटफ्लिक्स रिलीज चमन बहार स्टॉकिंग और इश्क के सांचे में एक हल्की-फुल्की कॉमेडी परोसने की कोशिश है। फ़िल्म न तो कॉमेडी का बड़ा कैनवास रचती है ना ही उसका दावा करती दिखती है और शायद यही इसकी ईमानदारी है। लेखक… Read More
आज तुम्हे एक रात की बात बताता हूँ जो थी तो पूर्णिमा की रात लेकिन मेरे जीवन की वो सबसे आंधेरी रात थी। ये बातें मैं सिर्फ तुमसे कह रहा हूँ क्योंकि तुम्हारे सिवा कोई भी मेरे इतने करीब नही… Read More
मैं वक्त हूँ। निरंतर चलते रहता हूँ,रूकना मेरी फ़ितरत नहीं।ये सच है कि मुझसे ज्यादा कोई अनुभवी नहीं हुआ आजतक । अब आप मेरी उम्र-आयु के पचड़े में मत पड़ियेगा। उलझ के रह जायेंगे। संसार को द्रष्टा बन के युगों… Read More
न दिल की प्यास, मेरी बुझती है। न दिल को, चैन मिलता है। पर न जाने, क्यों तुम्हारी यादे। इस दिल से, जाती नही है।। कदम कदम पर, तुम याद आते हो। दिलकी गैहराइयो में, क्यो समाये हो। क्या रिश्ता… Read More
अंदर ही अंदर घुटता है। पर ख्यासे पूरा करता है। दिखता ऊपर से कठोर। पर दिलसे नरम होता है। ऐसा एक पिता होता है।। कितना वो संघर्ष है करता। पर उफ किसीसे नहीं करता। लड़ता है खुद जंग हमेशा। पर… Read More
योग हमे ख़ुद से मिलाता हैं, योग ईश्वर की अनुभूति दिलाता हैं. सफलता तीन चीज़ो से मापी जाती हैं. धन, प्रसिद्धी और मन की शांति. धन और प्रसिद्धी पाना आसान हैं. “मन की शांति” केवल योग से मिलती हैं. “योग”,… Read More
पिता होने के एहसास से,एक पिता जीता रहता है। साब ! वो पिता, पिता नहीं, शेर होता है चीता होता है॥ जो ऊँगली पकड़कर कभी चलना सिखाता है। वो बचपन में लोरी गा-गा कर कभी सुलाता है॥ हमारे झूठे नखरों… Read More
थोड़ा सा सम्मान क्या मिला, बरसाती मेंढ़क हो गए थोड़ा सा धन क्या मिला, पागल बन बैठे थोड़ा सा ग्यान क्या मिला, बड़बोले हो गए थोड़ा सा यश क्या मिला, दुनिया पर हसने लग गए थोड़ा सा रुप क्या मिला,… Read More