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कविता : सत्य ये भी है

जन्म मरण का अब, समीकरण बदल गया। इंसान इंसान से दूर, अब होता जा रहा है। जीने की राह देखकर, मरने की बात करने लगे। फर्ज इंसानियत का भूलकर, समिति अपनो तक हो गए।। न दुआ काम आ रही है,… Read More

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कविता : हम सब चलेंगे

मर्म नहीं, खुले में कर्म की बात करेंगे विश्व चेतना के साथ अपनी शक्ति को जोड़कर हम भी कुछ रचेंगे पीड़ा, दुःख, दर्द की असमानता के पोल खोलेंगे इन गाथाओं के मूल में स्वार्थ की क्रीड़ा को हम जग जाहिर… Read More

Are you a goddess or a witch?

तुम देवी हो या चुड़ैल?

मै मानता हूं तेरा गुनाहगार हूं. तुम आज वर्षो बाद मिल रही हों. तुम्हें मुझसे कई सारी शिकायते हो रही है कि- “मैं कहा करता था कि तुम मेरी लिए देवी हो. मै तुम्हारें सिवाय किसी की इबादत कर ही… Read More

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कविता : माँ तेरी गोद में

वो जन्नत सा सुख कहाँ इस जग में , है जो माँ तेरी गोद में …. जब से मैने आँखें खोली , पाया खुद को तेरी झोली में , इस मखमली कोमल बिछावन में , वो चैन की नींद कहाँ… Read More

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ग़ज़ल : आदमी की औकात बताना भी ज़रूरी था

यूं कुदरत को रंग दिखाना भी ज़रूरी था ! आदमी की औकात बताना भी ज़रूरी था ! खुद को ही समझ बैठा था वो दूसरा खुदा, उसको असलियत दिखाना भी ज़रूरी था ! किस कदर सताया है इस ज़माने ने… Read More

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ग़ज़ल : यारो क्यों जान अपनी लुटाने पे तुले हो

यारो क्यों जान अपनी, लुटाने पे तुले हो क्यों अपने साथ सबको, मिटाने पे तुले हो तुम खूब जानते हो करोना की विभीषिका, फिर क्यों इसकी आफतें, बढ़ाने पे तुले हो न खेलो खेल ऐसा कि बन आये जान पर,… Read More

कविता : कौन किसका है

लोग अब रिश्तों का, अर्थ भूल गये हैं। क्या होते है रिश्ते, समझने से क्या फायदा। कितनी आत्मीयता होती थी, भारतीयों के दिलों में। अब तो एक दूसरे से, आंखे मिलाने से डरते है।। कौन किस का क्या है, सोचने… Read More

Memoirs touching the heart based on global truth events

परिस्थिति जनक वैश्विक सत्य घटनाओं पर आधारित हृदय को स्पर्श करती स्मृतियाँ

June 09, 2020 टिड्डी हमला, कोरोना हमला, सरकारी हमला, नेपाल-भारत हमला, चीन-भारत व अमेरिकी हमला,अम्फान हमला, निसर्ग हमला, जॉर्ज फ्लॉयड पर हमला, हमला दर हमला, भूख-प्यास पर हमला, मानवता पर हमला, हथिनी पर हमला, टेलीविज़न पर हमला, चारों दिशाओं में… Read More

गीत : साथी चाहिए

कटती नहीं उम्र, अब तेरे बिना। मुझ को किसी से मानो, प्यार हो गया। जिंदगी की गाड़ी अकेले, अब चलती नहीं। एक साथी की जरूरत, मुझे अब आ पड़ी।। मिलना मिलाना जिंदगी का, दस्तूर है लोगों। खिल जाता है दिल… Read More