बिंदु और रेखा में परस्पर आकर्षण हुआ तत्पश्चात् आकर्षण प्रेम में परिणत धीरे-धीरे रेखा की लंबाई बढ़ती गई और वह वृत्त में रूपांतरित हो गयी उसने अपनी परिधि में बिंदु को घेर लिया अब वह बिंदु उस वृत्त को ही… Read More
बिंदु और रेखा में परस्पर आकर्षण हुआ तत्पश्चात् आकर्षण प्रेम में परिणत धीरे-धीरे रेखा की लंबाई बढ़ती गई और वह वृत्त में रूपांतरित हो गयी उसने अपनी परिधि में बिंदु को घेर लिया अब वह बिंदु उस वृत्त को ही… Read More
जिसको भी दी जान, कर के निराश चल दिया हूँ कोंन उसका मैं, करा के अहसास चल दिया सांसें थीं जब तलक,अकेला चलता रहा यारों, पर मरते ही, यार बनके आमो ख़ास चल दिया मैं किसको कहूँ अपना, किसको बेगाना… Read More
ठकुरन का ठाकुराइसी लाइगय, बम्हनन का बमनाइत आ खाय का उनके पुजय न, पै लड़का करै न कमाइत। मुर्गा बोकरा नशा शराब बम्हनन का लालचामय। आ कोऊ उन्है जो या कही देय ता गारी ख़ुद का ख़बामय।। पूजा पाठ जनेऊ… Read More
नसीब वाले होते है वो घर परिवार जहाँ जन्म लेती है बेटी। परिवारों की जान होती है बेटी। घर की लक्ष्मी होती है बेटी। सुसराल में सीता दुर्गा होती है बेटी। दो कुलो की शान होती है बेटी।। बेटी की… Read More
जिंदगी में बहुत लोगों के तुम काम आये हो। मर कर भी साथ तुम लोगो का निभा जाओ। अपने अंगों को तुम औरों को दान कर जाओ। और जाते-जाते खुद ही अंतिम उपकार कर जाओ।। देकर जीवन दूसरों को मानव… Read More
सर उठा कर चल नहीं सकता बीच सभा के बोल नहीं सकता घर परिवार हो या गांव समाज हर नजर में घृणा का पात्र हूँ। क्योंकि “बेटी” का बाप हूँ ।। जिंदगी खुलकर जी नहीं सकता चैन की नींद कभी… Read More
हम भारत की बेटी हैं समझो न किसी से कम पर्वत से ऊंची उड़ान हमारी… हम नहीं घबराती राहें चाहे कितनी भी हों मुश्किल पीछे मुड़कर हम नहीं देखती बस आगे ही बढ़ते जाती हम भारत की बेटी हैं। हम… Read More
बापू तेरे तीन बंदरो का, अब से अनुसरण कर रहा हूँ। और आज तेरे जन्मदिवस पर, श्रद्धा सुमन अर्पण कर रहा हूँ। आज़ादी तो मिल गई भारत माँ को। पर अबतक समझ नहीं पाया, की क्या मिला इससे हमको।। तेरे… Read More