यारों कोरोना ने सब की, हैसियत बता दी जाने कितनों की इसने, असलियत बता दी जो खाते थे हमेशा, मोहब्बतों की कसमें, उनकी वफा की इसने, कैफियत बता दी हर किसी को पड़ी है, बस अपनी अपनी, जान अपनी की… Read More
यारों कोरोना ने सब की, हैसियत बता दी जाने कितनों की इसने, असलियत बता दी जो खाते थे हमेशा, मोहब्बतों की कसमें, उनकी वफा की इसने, कैफियत बता दी हर किसी को पड़ी है, बस अपनी अपनी, जान अपनी की… Read More
कोरोना, तुमने हमें बहुत कुछ स्मरण करवा दिया पश्चिमीकरण की चकाचौंध में फंसकर, अपनी पुरातन संस्कृति भूल गए थे, हम तुमने ही हमारा परिचय पुन: संस्कृति से करवाया। देशी भोजन को छोड़ बर्गर, पिज्जा, लेग पीस के पीछे भागने वालों… Read More
वो बागवां बेकार,जहाँ तितलियाँ ना हो वो कारवाँ हैं ख़ाक,जहाँ मस्कियाँ ना हो वह घर आँगन सुनसान हैं मसान के जैसे वो मकाँ क्या मकान,जहाँ बेटियाँ ना हो, आन बान शान की अभिमान बेटियाँ घर के काम काज की कमान… Read More
दो सम्बंधित आत्माएँ … क्या अलग हो सकती हैं? कुछ लम्हों के अलगाव से… जो जुड़ी है, एक दूसरे के भाव से उन्हें मुक्त रहने दो उन्हें महसूस करने दो उन्हें प्रेम की परिभाषा गढ़ने दो उन्हें रचने दो, एक… Read More
एक वाक्या आज याद आता है कि “कानून के हाथ लंबे होते हैं” शायद इसी बात को चरितार्थ किया गया है, माननीय सर्वोच्च न्यायलय ने, करोड़ लोगों की मनसा थी कि इसमें सीबीआई जांच होनी चाहए, ट्विटर पे, फेसबुक पे,… Read More
हमें परायों से नहीं, अपनों से डर लगता है हमें तो सच से नहीं, सपनों से डर लगता है दिल में चाहत के तूफान तो बहुत हैं मगर, हमें तो बनावटी, मोहब्बतों से डर लगता है हमने देखा है बहुत… Read More
हिंदी ने बदल दी, प्यार की परिभाषा। सब कहने लगे मुझे प्यार हो गया। कहना भूल गए, आई लव यू। अब कहते है मुझसे प्यार करोगी। कितना कुछ बदल दिया, हिंदी की शब्दावली ने। और कितना बदलोगें, अपने आप को… Read More
हिंदी हिंदुस्तान की हैं बोली और पहिचान जिसमें जी और बढ़ रहा हैं सारा हिंदुस्तान हिंदी पर ही नाज़ हमारा सारा अभिमान हिंदी की अभिवादन से बढ़ रहा स्वाभिमान हमने देखा हिंदी को अब देश के कोने-कोने में गर्व सभी… Read More
कोई मुझसे पूछे, क्या है हिंदी तो उसे बताऊं, मेरी शान है, हिंदी। मेरा अभिमान है, हिंदी मेरी पहचान है, हिंदी। मेरा ताज़ है, हिंदी माथे की बिंदी है, हिंदी। मेरी साँसों की ड़ोर है, हिंदी मेरी दिल की धड़कन… Read More
किसी के दर्द को जब, तुम अपना दर्द समझोगें। मरी हुई इंसानियत को, जिंदा कर पाओगें। और अपने अंदर तुम, तभी इंसान को पाओगें। और मनुष्य होने का, फर्ज तुम निभा पाओगें।। नहीं काटती अब उम्र, इस तरह के माहौल… Read More