hindi

कविता : हिंदी ही आधार है

जब सीखा था बोलना, और बोला था माँ। जो लिखा जाता है, हिंदी में ही सदा।। गुरु ईश्वर की प्रार्थना, और भक्ति के गीत। सबके सब गाये जाते, हिंदी में ही सदा। इसलिए तो हिंदी, बन गई राष्ट्र भाषा।। प्रेम… Read More

khud ki khoj

ग़ज़ल : खामियाँ तो दुनिया खोज लेगी

तेरे लिए बदहालियां तो, दुनिया खोज लेगी रुकावटों को खाइयां तो, दुनिया खोज लेगी यारा खोज ले तू खुद से ही, खुद की खूबियाँ तेरे मन की खामियाँ तो, दुनिया खोज लेगी बस खोज ले तू अपने में, केवल अच्छाइयाँ… Read More

sacche rishte

गीत : सच्चे रिश्ते

अपने बचपन की बातें आज याद कर रहा हूँ। कितना सच्चा दिल हमारा तब हुआ करता था। बनाकर कागज की नाव, छोड़ा करते थे पानी में। बनाकर कागज के रॉकेट, हवा में उड़ाया करते थे। और दिल की बातें हम… Read More

kisi se kya gila

ग़ज़ल : किसी से क्या गिला

किसी से क्या गिला,जब अपने बदल गए, दिल तो है वही मगर,अब सपने बदल गए। लुटता था शरीफ़ कल भी लुटता है अब भी, है फर्क़ बस इतना,कि अब रास्ते बदल गए। यारों मुखौटे तो तब भी थे मगर वे… Read More

sikhne ka aant nahi

कविता : सीखने का अंत नहीं

मैं किन-किन को छोड़ू, जबकि सभी अपने हैं। जीवन के सफर में, मिला साथ मुझे सबका। इसलिए तो मंजिल तक, मैं पहुँच पाया हूँ। और विजय ध्वजा को, आकाश में फहरा पाया हूँ।। जीत-हार से जो भी अपने को आंके।… Read More

khoosbuo ko khwab bna liya hu

ग़ज़ल : खुशबुओं को ख़्वाब बना लेता हूँ

मैं दिल की जद्दोजहद,बातों में उड़ा देता हूँ, छुपाने को ज़र्द चेहरा,मुखौटा लगा लेता हूँ। इधर दिखा के तमाशा भी मिलेगा क्या यारो, मैं छलकते अश्कों को,पलकों में छुपा लेता हूँ। यारों न चाहता हैं कोई अब बनना हमसफ़र, मैं… Read More

guru ki kripa nirali

कविता : गुरु की कृपा निराली

विद्यालय उपवन है ‘नैतिक’ शिक्षक इसके माली पुस्तक है दमदार उर्वरक बाग को दे हरियाली छात्र सुमन शोभा उपवन के लाल-गुलाबी-पीले नन्हे-मुन्ने, प्यारे-प्यारे कितने सुगंधित रंग-बिरंगे इन फूलों से सजती बाग की डाली विद्यालय उपवन है ‘नैतिक’ शिक्षक इसके माली… Read More

teacher honour

कविता : शिक्षको से मिला हमें

दिया मुझे शिक्षकों ने, हर समय बहुत ज्ञान। तभी तो पढ़ लिखकर, कुछ बन पाया हूँ। इसलिए मेरी दिल में, श्रध्दा के भाव रहते है। और शिक्षकों को मातपिता से बढ़कर उन्हें सम्मान देता हूँ। जो कुछ भी हूँ मैं… Read More

bharosa nahi

कविता : भरोसा नहीं

लूटकर सब कुछ अपना, तेरी शरण मे आया हूँ। अब दवा दो या ये जहर, ये तेरे पर निर्भर करता है। तेरी रहमत पर ही जिंदा हूँ, इसलिए तेरा आभारी हूँ। और जिंदगी को अब, धर्मानुसार जी रहा हूँ।। न… Read More

hawaon se

कविता : हवाओं से

ठंडी हवाओं के झोंको से आ रही फूलों की महक। चिड़ियों की चहको से मिल गया आपका संदेश। दुआ करते है ईश्वर से कि हमें मिलता रहे। आपके जैसे दोस्त का स्नेह और प्यार।। दूर है दोनों के किनारे पर… Read More