किसी के दिल को प्यार से, जितोगे तो प्यार पाओगें। दिल की गहराइयों में, तुम खो जाओगे। और अपने को प्रेमसागर में डूबा पाओगे। और जिंदगी में तुम, प्यार ही प्यार पाओगे।। प्यार क्या होता है, जरा तुम तो बताओ।… Read More
किसी के दिल को प्यार से, जितोगे तो प्यार पाओगें। दिल की गहराइयों में, तुम खो जाओगे। और अपने को प्रेमसागर में डूबा पाओगे। और जिंदगी में तुम, प्यार ही प्यार पाओगे।। प्यार क्या होता है, जरा तुम तो बताओ।… Read More
पग-पग पर कांटे बिछे चलना हमें पड़ेगा। कठिन इस दौर में हमको संभालना पड़ेगा। दूर रहकर भी अपनो से उनके करीब पहुँचना पड़ेगा। और जीवन के लक्ष्य को हमें हासिल करना पड़ेगा।। जो चलते है कांटो पर मंजिल उन्हें मिलती… Read More
गरीबी क्या होती है किसी किसान से पूछो। ये वो शख्स होता है जो खाने को देता अन्न। परन्तु इसकी झोली में नहीं आता उसका हक। इसलिए यही से गरीबी का खेल शुरू हो जाता है।। कड़ी मेहनत और लगन… Read More
हंसराज कॉलेज एवं कैम्पस कॉर्नर द्वारा 21 अक्तूबर 2020 को सायं 6.00 बजे नयी किताब प्रकाशन, दिल्ली से प्रकाशित मेरे मुक्तक संग्रह ‘मैं ऐसा वैसा नहीं हूँ…’ का लोकार्पण एवं उस पर चर्चा आयोजित की जा रही है। जिसमें हिंदी… Read More
शिक्षित होकर भी देखा घर पर रहकर भी देखा सभी कहते मै बेरोजगार कोई कहता काम करो। शिक्षित घरेलू क्रियाकलापों में असहाय सभी शिक्षित को रोजगार भी नहीं। मजबूर शिक्षित रोजगार की तलाश में गुमसुम जैसा चाहे वैसा नहीं दर… Read More
कहानी पत्थर की सुनता हूँ तुमको। बना कैसे ये पत्थर जरा तुम सुन लो। नरम नरम मिट्टी और रेत से बना हूँ मैं। जो खेतो में और नदी के किनारे फैली रहती थी। और सभी के काम में बहुत आती… Read More
अधिकारों की करें सुरक्षा, कर्तव्यों की करें फालना। विश्व युद्ध के काले बादल, नहीं गगन पर छा पाएंगे।। अधिकार कर्तव्य तो हरदम, साथ रहे हैं साथ रहेंगे। इसके अधिकारों को ही तो, हम उसके कर्तव्य कहेंगे।। सामाजिक प्राणी है हम… Read More
विश्व चेतना के बीज हे मनुष्य ! अंकुरित होने दो तुम्हारे निर्मल चित्त में लहलहाती फ़सलों की सरसराने दो, स्वेच्छा वायु से बचाते रहो अपनी रौनक को मूढ़ विचारों से, बौद्धिक चेतना का हरियाली तुम बनो अनवरत साधना में सत्य… Read More
प्रेम वेदना क्या होती है प्रेम करके स्वयं देख लो। कष्ट किसी को भी हो सहन दोनों को पड़ता है। मीरा कृष्ण के प्यार को सुना और पढ़ा होगा। प्रेम में मीरा को जहर पीना पड़ा था और वेदना कृष्ण… Read More
जिगर में एक शोर, जी उठा है फिर से वो गुज़रा, किरदार, जी उठा है फिर से बड़े ही जतन से बाँध कर रखा था इसे, यारों दिल फ़ितरती, जी उठा है फिर से ला पटका है वक़्त ने उसी… Read More