बहुत छेड़ा करते थे, प्रकृति के संसाधनो को। ये सब देखते रहे, श्रृष्टि के वो निर्माता। और हंसते रहे भाग्यविधाता, जिसने लिखा है भाग्य तेरा। अब तो तू संभल जा, और समय को समझ जा। क्योंकि समय की मार ने,… Read More
बहुत छेड़ा करते थे, प्रकृति के संसाधनो को। ये सब देखते रहे, श्रृष्टि के वो निर्माता। और हंसते रहे भाग्यविधाता, जिसने लिखा है भाग्य तेरा। अब तो तू संभल जा, और समय को समझ जा। क्योंकि समय की मार ने,… Read More
इस रात को भी वो तन्हा कर गया, वो किस्सा मेरा सरेआम कर गया!! सोचते थे जिसे हम ख़्वाब में ही, वो खुद को हक़ीक़त कर गया!! दे गया मुझे अपने तमाम दर्द, वो दिन को भी रात कर गया!!… Read More
वो दिखने में हरा-हरा होगा, है ये मुमकिन, ज़हर भरा होगा। सबके रग-रग में अब रसायन है, भाव ज़िंदा कहाँ बचा होगा? मर चुका है ज़मीरोमन जिसका, कैसे समझूँ कि वो ज़िंदा होगा! इस तपिश से तो ऐसा लगता है,… Read More
मिला मुझको बहुत कुछ अपनी मेहनत लगन से। मेरे अनुभवों को कोई न क्या कभी छोड़ा पायेगा! तपा हूँ आग की भट्टी में तो कुछ बनकर ही निकला हूँ। और फिर से जिंदगी में कुछ नया निश्चित करूँगा।। भले ही… Read More
मंगल गाओ रे सब मिलके, आज घर राम आये सबके। जीवन की नय्या पार लगाने, देखो राम विराजे है सबके।। ना लालसा है प्रभु राम को, वो चरणों मे जगह देते है सबको। दयालु है वो इस कदर, कि बिन… Read More
बहुत फक्र करते थे हम अपनों पर यार। बंद आँखों से विश्वास करते थे उन पर हम। पर पढ़ न सके उन्हें साथ रहते हुये हम। तभी तो उठा दिया जनाजा विश्वास का आज। और आँखें मेरी खोल दी, की… Read More
राम हमारी संस्कृति हैं और राम हमारी भाषा हैं। राम हमारा गौरव हैं और राम ही अभिलाषा हैं।। राम – नाम हर दिल मे बसा हर जुबाँ पर उनकी गाथा है। राम हमारी साँसों मे मर्यादा की वो परिभाषा हैं।।… Read More
बिगाड़ने से भी नही बिगड़े अयोध्या के आवाम जो लिख चुके है सदियों से सदभाव का पैग़ाम कोशिश किया सभी ने मिलकर मुल्क़ के शैतान बन्द कर दिया अवध ने सियासत की सब दुकान , अब अमन का कारवां बहेगा… Read More
मन में राम विराजे, हर घर में श्री राम चरण हो, दुःख हरे पल भर में, हर घर में रामायण पाठ हो!! पल में कटे संकट सारे, ऐसा प्रभु का नाम हो, कोई दुःख पास ना आये, जब राम नाम… Read More
श्री राम कथा का करते हैं हम प्रेम से गुणगान सुणियो रै धर कै ध्यान 1 अवधपुरी के राजा दसरथ औलाद बिन लाचार हुये पुत्रेष्टि यज्ञ करवाया था जिससे पुत्र चार हुये राम ,लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न सूंदर और होनहार हुये… Read More