Indian mother

कविता : आज फिर नेह से हाथ सिर पर फेर माँ

हूँ बहुत टूटा हुआ, बिखरा हुआ घायल निराश मरु में एक भटके पथिक-सा, दिग्भ्रमित- सा हताश प्रेम को प्यासा ह्रदय, व्याकुल स्वभाव ठिठोल को अपनत्व को आकुल है मन, जीवन दो मृदुबोल को बोल जिनको सुनकर मेरा, नयन नीर भी… Read More

story-sonam

कहानी : हवसी! तुझे नहीं छोडूँगी “उर्फ” सोनम : एक बहादुर लड़की

अजय कम्बल में दबे – दबे व्हाट्सएप पर सपना से चैट कर रहा है। बगल में गर्लफ्रैंड सीमा लेटी हुई है। रात में ज्यादा थक जाने से वह गहरी नींद में सो रही है और अजय दूसरी का शिकार करने… Read More

rina

कहानी : रीना

रीना भोर अपने आँगन में झाडू लगा रही थी। नाटे और गोरे बदन पर फटी – पुरानी साड़ी पहने, कड़ाके की ठण्ड से रोम – रोम खड़े हो रहे थे और वह मैला – कुचैला हल्का साल ओढ़े रोजाना का… Read More

happy sunday

चौपाई छन्द : खुशी भरा इतवार

हर दिन होता रोता धोता । सुनो अगर इतवार न होता॥ जीवन इक ढर्रे पर चलता। फुर्सत वाला समय न मिलता॥ देती नींद हमें उलाहने। ताने देते हमको सपने॥ बैड टी अख़बार का नाता। कभी नहीं पुख़्ता हो पाता॥ अनमने… Read More

kahni ha uski ma hai

कहानी : हाँ, वह उसकी माँ है

गर्भवास का पिंड छुड़ाकर अभी-अभी तो वह बाहर आया है और आते ही बेहोश हो गया था। उसे नहीं मालुम कि वह कितने घंटे बेहोश पड़ा रहा। इस समय वह खुद एक चादर में लिपटा हुआ था। आंख खुलते ही… Read More

jai shree ram

कविता : मेरे राम हैं तेरे राम

मेरे राम हैं तेरे राम, तेरे राम है मेरे राम रामचंद्र जग के रखवारे, सबके काज सँवारे राम। सारी दुनिया भई दीवानी, बनी बाँवरी देख ज़रा चली आ रही धाम अयोध्या, दर्शन देंगें रामलला मंगल गीत गा रहे सारे, ताल… Read More

Indian family

कविता : खानदान का महत्व

कहीं का ईट कहीं का रोडा भानुमती ने कुनबा जोड़ा। देखो देखो इस कुनबे को कैसे इतरा रहा है कुनबा। इस कुनबे में स्वार्थ है ज्यादा पर अपनापन बहुत कम है। फिर भी देखो इस कुनबे को एक सूत्र में… Read More

rikshawala

कहानी : रिक्शावाला

शहर के चौक-चौराहे पर इक्के-दुक्के ही रिक्शावाले नजर आते हैं। शायद आज कल आदमी रिक्शा की सवारी करना नहीं चाहते हैं या ई-रिक्शा के कारण। आखिर वजह जो भी हो। रिक्शावाला पूस के ढलते सूरज को देख चिंतित मुद्रा में… Read More

agaye-ki-soch

कविता : आगे की सोचो

जो बीत गया सो बीत गया अब उसके लिए क्यों रोना। आने वाले पलो की सोचो खुशियों के बारे में सोचो। जीने का मकसद को सोचो जीने की तुम राह चुनो। मोक्ष मार्ग तुमको मिलेगा सच्चे मन से तुम या… Read More

kite in butterfly shape

कविता : कागजी तितली

ठिठुरन सी लगे, सुबह के हल्के रंग रंग में । जकड़न भी जैसे लगे, देह के हर इक अंग में ।। उड़ती सी लगे, धड़कन आज आकाश में। डोर भी है हाथ में, हवा भी है आज साथ में। पर… Read More