क्षमा मिश्रा नाम था उसका। लेकिन मोहल्ले के सारे लड़के उसे छमिया कह कर पुकारते थे। महज़ अठारह बरस की उम्र में मोहल्ले में हुई अठाईस झगड़ों का कारण बन चुकी थी वो। उसका कोई भी आशिक़ चार महीने से… Read More
क्षमा मिश्रा नाम था उसका। लेकिन मोहल्ले के सारे लड़के उसे छमिया कह कर पुकारते थे। महज़ अठारह बरस की उम्र में मोहल्ले में हुई अठाईस झगड़ों का कारण बन चुकी थी वो। उसका कोई भी आशिक़ चार महीने से… Read More
राहगीर हूं, चला जा रहा हूं। अकेला नहीं, है, यह एहसास दूर गहरे कहीं। पर भीड़ का हिस्सा बन, खो जाऊं। ये उनको,ईमान को, इससे इंकार भी है। बेसबब आवारा बन फिरता नहीं, जो गुज़रता हूं, उन गलियों से, तस्वीर,… Read More
लोग दे जाते हैं मुझको तो मुफ्त में बस यूं ही किसी और से पूंछो कि गम की कीमत क्या है दे देता है जान भी अपनी मोहब्बत के नाम पर कभी पतंगे से पूंछो कि उसकी कीमत क्या है… Read More
जिस प्रकार नदियों के तट पर पंडों के बिना आपको मोक्ष की प्राप्ति नहीं हो सकती, गंगा मैया आपका आचमन और सूर्य देव आपका अर्ध्य स्वीकार नहीं कर सकते जब तक उसमें किसी पण्डे का दिशा निर्देश ना टैग हो,… Read More
बी. आर. चोपड़ा जी की महाभारत और रामानंद सागर जी के रामायण के सामने धाराशायी हुए मूर्खतापूर्ण सीरियल। दूरदर्शन पे प्रसारित इन दोनों सीरियल की TRP को देखते हुए Star दिखाने जा रहा है सागर जी की रामायण जबकि Colors करेगा… Read More
मैं मोहब्बत करता हूँ नहीं, मोहब्बत हो जाती है लेकिन कोई निभाती नहीं,शरारत हो जाती है कभी श्याम दीवाना था, अभी अँचल दीवाना है दिलों के क़ैद में खून की तिजारत हो जाती है। अब तेरी यादों में मुझे नहीं … Read More
कार्ल मार्क्स आधुनिक इतिहास के सबसे प्रभावशाली राजनीतिक चिंतक दुनिया के मजदूरों एकजुट हो जाओ, तुम्हारे पास खोने को कुछ भी नहीं है, सिवाय अपनी जंजीरों के। इस प्रसिद्ध नारे ने 20 वीं सदी के प्रारंभ में दुनिया में काफी… Read More
आपको पाक़ीज़ा फिल्म में मीना कुमारी पर फिल्माए गए लता मंगेशकर के लाजवाब गीत यूं ही कोई मिल गया था सरेराह चलते चलते और ठाड़े रहियो ओ बांके यार गीत याद हैं? इन बेहतरीन नगमों का संगीत निर्देशन जिस शख्स… Read More