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कविता : आदि सा हो गया हूँ

सागर से भी गहरा है, हमारा रिश्ता। आसमान से भी ऊंचा है, हमारा रिश्ता। दुआ करता हूँ ईश्वर से की। ऐसा ही बना रहे हमारा रिश्ता।। देखे बिना जान लेता हूँ। बोले बिना ही तुम्हें,  पहचान लेता हूँ। रूह का… Read More

कविता : छोड़ नही सकता

न मैं चल ही सका, न मैं रो ही सका। जिंदगी को मानो, व्यर्थ ही गँवा दिया। तभी तो तन्हा रह गये, और तरस गये प्यार के लिए। पर प्यार करने वाला, कोई मिला ही नहीं। इसलिए तन्हा जिंदगी आज… Read More

कविता : रिफॉर्म

मजदूर रिफॉर्म नहीं जानता  उसे नहीं पता आत्मनिर्भरता का मतलब फॉर्मल/इन फॉर्मल सेक्टर उसे नहीं पता जीडीपी और ग्रोथ इकानॉमी और सेंसेक्स उसे कुछ नहीं पता बड़ी बड़ी बातों के बीच इस बड़ी त्रासदी के बीच उसे केवल यही  पता… Read More

lockdown india

लॉक डाउन और उत्तर प्रदेश के फ़िल्म, टेलीविजन और रंगमंच से जुड़े लोगों की स्थिति

इस विषय पर पिछले कई दिनों से कुछ लिखने की सोच रहा था मगर आज सुबह जब शहर के उभरते हुए युवा साथी लेखक और निर्देशक Rahul Yadav जो कि यू ट्यूब पर राहुल आशिक़ीवाला नाम से फेमस है का… Read More

sumitranandan pant

जन्मदिन विशेष : कविवर सुमित्रानंदन पंत

“वियोगी होगा पहिला कवि  आह से उपजा होगा गान  उमड़ कर ऑखों से चुपचाप बही होगी कविता अनजान।” प्रकृति की महासभा का कुशल वक्ता– कवि जिस मनोदशा में लिख रहा होता है वह गुणात्मक शब्द-शैली के साथ-साथ मन के भीतर… Read More

kah do koi unse

ग़ज़ल : कह दो कोई उनसे कि

कह दो कोई उनसे कि, बाग़ में आना-जाना छोड़ दें कह दो कोई उनसे कि, फूलों से अदा चुराना छोड़ दें खुशबू बनके दफ़न है सीने में मेरी सासें जिनकी कहदो कोई उनसे कि, बालों में गज़रा लगाना छोड़ दें… Read More