yaad

समीक्षा‌ : प्यार का सागर

सागर में अक्क्सर तूफ़ान उठा करते है जो कभी कभार नुकसान भी पहुँचा आहत कर देते है जिसकी पीड़ा कदाचित सागर कि नियति प्रतीत होती है जो मन में सदैव के लिये भय पैदा कर देती है ।मगर सागर का… Read More

kalam(1)

समीक्षा‌ : डस्टबिन

साहित्य जीवन मूल्यों कि साध्य साधना है या नहीं ,साहित्य का सामाजिक गति काल से कोई सरोकार है कि नहीं डस्टबिन उसी वास्तविकता कि पृष्टभूमि कि व्याख्या और सच्चाई है ।सजल द्वारा प्रारम्भ में सीड़ी पत्रिका में अपनी कहानियो को… Read More

life(1)

समीक्षा‌ : अपने पराये

जीवन मूल्यों परस्पर भावनाओं और उसकी परिस्थिभूमि परिणाम का सजीव चित्रण कहानी का सशक्त पक्ष है एकाकी प्रज्ञा देवी का पति के तस्वीर से वार्तालाब और सम्पूर्ण जीवन के लम्हों को दमन में समेटे रख उसे ही जीवन का आधार… Read More

Pitamabr book released

‘पीताम्बर’ के एकल काव्य संग्रह का विमोचन किया वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. श्रद्धानन्द आनंद ने

वाराणसी( उत्तर प्रदेश)। `पीताम्बर` की रचना `एहसास रिश्तों का` आज के परिपेक्ष्य में साहित्य और विषय वस्तु में सर्वोत्तम श्रेष्ठतम खण्ड काव्य हैl यह रचना भारतीय हिंदी साहित्य के महाकवि निराला रामधारी सिंह,दिनकर को जीवन्त करती हैl निश्चित तौर पर… Read More

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काव्य : क्या कमाया

संसार-सागर सिर्फ समय-सराय , परमात्मा से बिछड़, आत्मा यहां आय। पार्थिव तत्वों को उसने ही गूँथकर, घररूपी नश्वर शरीर बनाया । हाथ खुले रखकर है जाना , फिर क्यों सोचे..? कि क्या तूने कमाया ..? पाने से ज्यादा तू खोकर… Read More

mira

कविता : अब कौन सा रंग बचा साथी

संबंधों की सब हरियाली सूखी जीवन हो जैसे इक बलि वेदी गलना ,ढहना,तिल -तिल मरना जीवन ने चुना मृत्यु का गहना उम्मीद न रही कोई भी बाकी अब कौन सा रंग बचा साथी मन मंदिर की मूरत खंडित की निरपराध… Read More

orkit

कविता : कहानी फूलों की

नजारा देखकर यहाँ का दिल रुकने को कहता है। फूलो के बाग में देखो भवरा कुछ कहता है। तभी तो झूलते फूलों से महक बहुत आती है। जो मोहब्बत करने वालों को बहुत लूभाते है।। देखो तो फूलों की किस्मत… Read More