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लघुकथा : खून सनी रोटी

दो दिन से जुम्मन दो निवाले भी ठीक से नहीं खा पा रहा था । चाय पर चाय पीता और पेशाब जाता । उसके बाद बीड़ी पर बीड़ी पीता जाता और बेतरह खांसता था। उसकी खांसी इतनी देर तक चलती… Read More

yadee(1)

कविता : अंजान की खोज

मोहब्बत करने वाले अंजाम से नहीं डरते। जब मिल जाते है उनके किसीसे अंजान से नैन। तो दिलमें आग सी उनके अंदर लग जाती है। फिर उसी आगे के पीछे लगा देते अपना जीवन।। मोहब्बत वो नशा है जिस पर… Read More

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कविता : नहीं जाना दुनियाँ को

किसी के दर्द को तुम कभी मेहसूस करो तुम। तो जिंदगी की सच्चाई तुम्हें समझ आयेगी। तभी तुम दुनियाँ को सही में जान पाओगें। फिर हो सकता की तुम खुदको पहचान पाओगें।। बहुत जालीम है लोगों हमारी ये दुनियाँ। जिसे… Read More

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कविता : राह आसान नहीं

हो अगर रात सुहानी तो दिन सुहाना लगता है। हर किसी की किस्मत में ये लम्हा कहाँ आता है। ये तो शुक्र है मोहब्बत का जिसके कारण ये लम्हें आते है। कुछ की जिंदगी साभर जाती तो कुछ की बिगड़… Read More

dil(1)

कविता : कल के चलते

जिंदगी गुजर गई कल के इंतजार में। पर आज तक तो कल आया ही नहीं। दुनियाँ के इतिहास में कल कभी आया नहीं। क्योंकि कल किसी के जीवन में आयेगा ही नहीं।। कल के चक्कर में न जाने कितने काल… Read More

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कविता : ये है मोहब्बत

कही पर दिल है कही पर जान है। जुबा से भी दोनों हम एक जान है। करनी कथनी में भी हम दोनों समान है। इसलिए दुनियां मेें यारो हम दोनों साथ है।। मत देखो हमें यारो दो जिस्म की तरह।… Read More

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कविता : चांदनी रात

यह चांदनी रात कितनी निराली यह तो मदवाली है।। श्वेत चंद्रमा रजत रश्मियां, रूप यौवन से अपनी छटा बीखराती।। चांदनी रात में सुंदर रूप वसुंधरा का आंचल महाकाती ।। सतरंगी पुष्प – लताओं से करती श्रृंगार खेत खलिहानों की लहलहाती… Read More

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कविता : मेरी अभिलाषा

चाह नहीं, गुरु द्रोण सा बनकर, खातिर अर्जुन, एकलव्य मिटाऊँ। इतनी सी बस, चाह जरूर कि, बन चाणक्य, कई चन्द्र खिलाऊँ।। चाह नहीं, वो देवों की सी, सुबह शाम पूजा जाऊँ। इतनी सी बस, चाह जरूर कि, मानव का मैं,… Read More

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कविता : आत्म विश्वास

मुसीबत का पहाड़, कितना भी बड़ा हो। पर मन का यकीन, उसे भेद देता है। मुसीबतों के पहाड़ों को, ढह देता है। और अपने कर्म पर, जो भरोसा रखता है।। सांसारिक उलझनों में, उलझा रहने वाला इंसान। यदि कर्म प्रधान… Read More

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कविता : प्यारी बेटी

बेटी को जन्मदिन की दिल से शुभ कामनाएं और देता हूँ शुभ आशीष। प्रगति के पथ पर चलकर करो नाम अपना रोशन। सबकी प्यारी सबकी दुलारी तभी हृदय में सबके बसती। और ख्याल सभी का बेटी जो तुम दिलसे रखती… Read More