love hurt

कविता : मोहब्बत का पुजारी

वो मोहब्बत में इतने घाव देते रहे। हम उन्हें उनका उपहार समझते रहे। पर हद तो तब हो गई जब मेरे दिये। फूलों को उन्होंने आर्थी पर रख दिये। और जिंदा होते हुये भी वो अपनी। मोहब्बत को मेरी सामने… Read More

zindagi(3)

कविता : क्या सोचते है

मिलते मिलाते पहुँच गये। हम आज उस मंजिल पर। जहाँ सब को पहुंचना है। आखिर में एक दिन।। जिंदगी को जी गये। एक चुनौती मानकर। सब कुछ लगा दिया अपना। इसे एक लक्ष्य समझकर।। मरता रहा औरो के लिए। खुद… Read More

dekh liya

कविता : देख चुका

खुशी के कुछ पल आकर के महका देते है घर को वो। फिर वो ही सुंदर पल हमें अंधेरो में फिर ले जाते है। सफर मेरी जिंदगी का इसी तरह से निकला है। कभी खुशियाँ रही तो कभी गमों ने… Read More

sam

लेख : सांझ ढले

1- “जब सांझ ढले तुम आती हो “ जब सांझ ढले तुम आती हो आती है तब इक मंद बयार छेड़े गए हों जैसे मन के तार झंकृत होता है ज्यों अंतर्मन जैसे दूर कहीं रहा हो कीर्तन जैसे कोई… Read More

maa beta

कविता : माँ कहती है

जाता हूँ जिन राहों पर चल के, माँ कहती है तुम चलना तन के। काँटों पर चलना सिखाती है मुझको, धूप आए मगर आँचल से छन के। कहती है मेरे पास है सब कुछ, निकलती नही वो कभी बन ठन… Read More

maa(1)

मातृ दिवस की हार्दिक शुभकामनाए

मातृ दिवस की हार्दिक शुभकामनाए मंजिल दूर और सफ़र बहुत है छोटी सी जिन्दगी की फिकर बहुत है मार डालती ये दुनिया कब की हमे लेकिन “माँ” की दुआओं में असर बहुत है +60

duniya

कविता : देखा समझा और…

क्या क्या अब तक देख चुका। और क्या क्या देखना बाकी है। जीवन की इस राह पर क्या क्या सहना बाकी है। बंद आँख और मुँह कान इसका मूल आधार है।। गुमशुम रहना और सहना तेरा ये आधार नहीं। चलना… Read More

shadi

कविता : वो ही मनमीत चुनना तुम

स्थिरता हो मन में जिसके वो मनमीत चुनो तुम, ये चकाचौंध बहुत भटकाती है सादगी भा जाये जिसकी वो मनमीत चुनो तुम, ये दुनिया झूठे ख्वाब बहुत दिखाती है हर भावों को न तौलौ तुम समाज के दकियानूसी तराजू में,… Read More

rah

कविता : कह दो जुबान से

जो दिलमें होता है मेरे वो ही बात कहता हूँ। कहकर दिलकी बातों को सुकून बहुत मिलता है। इसलिए इस जमाने में लोग कम पसंद करते है। पर जो पसंद करते है वो बहुत अच्छे होते है।। मैं खुद को… Read More

prakati

लेख : पर्यावरण, मुँह के छाले और बुंदेलखंडी नुख्से

पिछले 4-5 दिनों से हमें बेजोड़ गर्मी से मुँह में बहुत ज्यादा छाले हो गए हैं क्योंकि आजकल हम संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के प्रोजेक्ट पर काम कर रहें हैं और भयंकर गर्मी में भी झाँसी जिले के गाँवों और… Read More