तेरी मेहनत रंग लाई है तभी खुशियाँ घर आई है। आंगन में किलकारी गूँज रही और दिल में तरंगे छाई है। सच मानो जैसे आज ही घर में दिवाली आई है। सभी के दिलों में देखो अपार खुशियाँ छाई है।।… Read More
तेरी मेहनत रंग लाई है तभी खुशियाँ घर आई है। आंगन में किलकारी गूँज रही और दिल में तरंगे छाई है। सच मानो जैसे आज ही घर में दिवाली आई है। सभी के दिलों में देखो अपार खुशियाँ छाई है।।… Read More
उठो मन!अभी तुम्हें बहुत चलना है, कदम रखकर आगे अभी और बढ़ना है। कि अभी मंजिल न आयी है तुम्हारी भ्रम में रहकर न रुकना है। उठो मन! अभी तो तुम्हें फिर चलना है, विपरीत बहती धाराओं में तो अभी… Read More
सुनता हूँ जवानो की गाथा आज आँसुओं को भरके। गोलिया खाते है सीने पर घायल दिल होता है। चोट खाकर भी जवान हँसता मुकरता रहता है। खाई है जो कसम इन्होंने देश पर मर मिटने की।। आंच आने नहीं देंगे… Read More
देख है जब से तुमको ये दिल बहुत बैचैन है। और दिल की धड़कने बहुत तेज हो रही। आँखो को भी एक खोज चल रही है। और चेहरे पर भी मेरे उदासी छा रही।। बहुत देखा है मैंने अपने इस… Read More
मकर संक्रांति आई हैं एक नई क्रांति लाई हैं निकलेंगे घरों से हम तोड़ बंधनों को सब जकड़ें हैं जिसमें सर्दी से बर्फ़ शीत की गर्दी से हटा तन से रजाई हैं मकर संक्रांति आई हैं एक नई क्रांति लाई… Read More
तेरे मेरे मिलन से बहुत लोग खुश हो रहे। मानो जिंदगी अब मेरी मेरे ही पास आ गई। कर्म अच्छे किये थे इसलिए तुम्हें पाया। और मोरझाई जिंदगी को फिर से खिला पाया हूँ।। न करते प्यार मोहब्बत तुम तो… Read More
खेत छोड़ सड़कों पर बग़ावत की हैं किसानों ने संग्राम या सियासत की हैं, खेती किसानी का जो हाल ना जाने उसने भी इनके नाम हुकूमत की हैं, हमें छोड़कर बहकावें में यूँ ना जाओ फ़सलों ने किसानों से ज़ियारत… Read More
हिंदी हिंदुस्तान की बुद्धि और व्यवहार हिंदी हिंदुस्तान की भक्ति और सदभाव हिंदी के उदार उर में समाहित हैं सब भाषा भाव हिंदी हिंदुस्तान की मुक्ति और निर्वाण सबकों अपनें साथ लिए हिंदी चलती जाती हैं प्रगति के पथ पर… Read More
जंतुओं से इतना डर नहीं होता इस दुनिया में जितना उन मनुष्यों से और अपनों से होता है, जो पीछे से, चुपके से मीठी – मीठी बातों से, चोट दिल को आसानी से देते हैं, कठिन है अपनों से लड़ना… Read More
छोड़ो शर्म को ,मुखर बनो तुम , बोलो हृदय के सब उद्गार । आसमान भी लगे फिर छोटा , उन्मुक्त उड़ोगे जब पंख परवाज । पनडुब्बे से तुम बन जाओ । अथाह सागर में गोत लगाओ । मोती ज्ञान के… Read More