guru

कविता : शिक्षकों का योगदान

हूँ जो कुछ भी आज मैं, श्रेय मैं देता हूँ उन शिक्षकों को। जिन्होंने हमें पढ़ाया लिखाया, और यहाँ तक पहुँचाया। भूल सकता नहीं जीवन भर, मैं उनके योगदानों को। इसलिए सदा मैं उनकी, चरण वंदना करता हूँ।। माता पिता… Read More

pranav mukharji

गीत : प्रणव दा पर तीन घनाक्षरी छंद

पाया है भारत रत्न राष्ट्र के सपूत थे वे, दुनिया में भारत को गौरव दिला गए। राष्ट्रपति पांच साल तक रहे देश के वे, बुद्धिमत्ता से वे विश्व गगन पे छा गए।। आंग्लभाषा में लिखी है पुस्तकें प्रणवदा ने, जमाने… Read More

corona

कविता : कैसे याद दिलाता नानी

मानव ने उत्पात मचाकर अब तक की मनमानी देखो आज करोना कैसे याद दिलाता नानी जब से इस अदृश्य विषाणु ने दुनिया को है काटा चौराहों पर खामोशी है सड़कों पर सन्नाटा धन-दौलत-सामर्थ्य सभी कुछ फिर भी है लाचारी हैं… Read More

koi fark nahi padta

कविता : कोई फर्क नही पड़ता

राजा रावण हो या राम कोई फर्क नहीं पड़ता जनता तो एक सीता है राजा रावण हुए तो पंचवटी से उठा ली जायेगी राजा राम हुए तो अग्नि परीक्षा के बाद भी ठुकरा दी जायेगी। राजा कौरव हों या पांडव… Read More

prem dil se hota hai

कविता : प्रेम दिल से होता है

मोहब्बत सूरत से नहीं होती है। मोहब्बत तो दिल से होती है। सूरत खुद प्यारी लगने लगती है। कद्र जिन की दिल में होती है।। मुझे आदत नहीं कही रुकने की। लेकिन जब से तुम मुझे मिले हो। दिल कही… Read More

moksh ka path

गीत : मोक्ष जाने का पथ

छोड़ दो मिथ्या दुनियाँ , सार्थक जीवन के लिए। इससे बड़ा सत्य कुछ, और हो सकता नहीं। चाहत अगर प्रभु को पाने की हो । तो ये मार्ग से अच्छा कुछ, और हो सकता नहीं।। छोड़ दो…….।। मन में हो… Read More

banking

गीत : बैंकिग प्रणाली

देखो देखो लोगो बैंकों का क्या हाल हो गया। लोगों के पैसे जमा होते हुए भी बैंक कंगाल हो गया। माध्यम वर्ग वालों की कमाई व्यापारी लेकर फरार हो गया। और चूना बैंक को के साथ ही मध्यमवर्गीयों को लगा… Read More

pyaar ka khat

गीत : प्यार का खत

खत प्यार का एक हमने उनको लिखा। पर पोस्ट उस को अब तक नहीं किया। अपने अल्फ़ाजों को अपने तक सीमित रखा। बात दिल की अपनी उन तक पहुँच न सका।। डर बहुत मुझको उनसे और अपनों से लगता था।… Read More

jahar

कविता : जहर

दिल जिस से लगा उसे पा न सका। पाने की कोशिश में बदनाम हम हो गये। फिर जमाने वालों ने खेल मजहब का खेला। जिसके चलते हम दोनों को अलग होना पड़ा।। मोहब्बत करने वालों का क्या कोई मजहब होता… Read More

wo kisi k nahi hote

ग़ज़ल : वो किसी के नहीं होते

जो सबके होते हैं वो किसी के नहीं होते लोग दिखते हैं जैसे अक्सर वैसे नहीं होते मेरे जैसे दिलफेंक भी होते हैं कुछ शायर ग़ज़ल लिखने वाले सब दिलजले नहीं होते इब्तिदा-ए-इश्क़ में होते हैं वैसे आशिक़ जिनके ख़त… Read More