ज़िंदा दिखते मगर मरे हैं ये कुछ लगाकर हरे-हरे हैं ये मीठी बातों से संभलकर रहिए मन में कड़वा ज़हर भरे हैं ये गले लगकर के गला काटेंगे घात विश्वास में करे हैं ये मन मुताबिक हैं आपकी बातें जाने… Read More
ज़िंदा दिखते मगर मरे हैं ये कुछ लगाकर हरे-हरे हैं ये मीठी बातों से संभलकर रहिए मन में कड़वा ज़हर भरे हैं ये गले लगकर के गला काटेंगे घात विश्वास में करे हैं ये मन मुताबिक हैं आपकी बातें जाने… Read More
चिकनी चुपड़ी बातों से, फ़ितरत का पता नहीं चलता, अंदर क्या और बाहर क्या है, इसका पता नहीं चलता। जो मीठेपन का लेप चढ़ा कर, प्यारी सी बातें करते हैं, कब कटुता का वो रंग दिखा दें, इसका पता नहीं… Read More
सुबह के चार बज गये है।रात से मूसलाधार बारिश हो रही है।कपड़े उठाना भूल गयी थी ।सारे भीगे हुए है। राइटिंग टेबल पर बैठी हूँ।तुम गहन निंद्रा में सोये हो,कितने मासूम लग रहे हो।पास ही अवि भी सोया है।वह नींद… Read More
उम्र बीत जाती है, जिंदगी को बनाने में। मेहनत करनी पड़ती है, लक्ष्य को पाने में। तब कही जाकर मंजिल, हासिल कर पाते है। और अपनी पहचान, बना पाते है जमाने में।। हँसना तालियां बजाना, आसान काम होता नहीं। खुद… Read More
जल रही हो जिसमें लौ आत्मज्ञान की समझ हो जिसको स्वाभिमान की हृदय में हो जिसके करुणा व प्रेम भरा बाधाओं व संघर्षों से जो नहीं कभी डरा अपनी संस्कृति की हो जिसको पहचान भेदभाव से विमुख करे सबका सम्मान… Read More
सत्य के रक्षक अधर्म समापक दुष्ट विनाशी धर्म स्थापक हैं सुदामा सखा सुभद्रा पूर्वज देवकीनंदन वसुदेवात्मज वो पार्थसारथी गोप गोपीश्वर अजेय अजन्मा श्रीहरि दामोदर प्रेम के पर्याय परंतु वितृष्ण वो राधावल्लभ हैं वही श्री कृष्ण +60
शहर में रात से ही मूसलाधार बारिश हो रही थी।सुबह भी थमने का नाम न ले रही थी। उसने बैचेनी से घड़ी की तरफ देखा।सुबह की सैर का वक्त हो गया था।उसे पता था वो छत पर खड़ी उसयुवक बारहवीं… Read More
आज फिर प्रकट होओ भगवान आज फिर प्रकट होओ भगवान कृषकों पर आफत की आँधी ग्वालपाल परेशान आज फिर प्रकट होओ भगवान आज फिर प्रकट होओ भगवान जिधर देखिए उधर आजकल चीरहरण होता है कौरव का दल हँसे ठठाकर पाँडव-दल… Read More
दो गज ही सही मेरी मिल्कियत तो है। ऐ मौत तूने मुझे जमींदार कर दिया। इंदौर की धरती और अदब आज उदास है, रेख़्ता मायूसी से घिरा हुआ है, हिंदवी अपनी गंगा जमुनी विरासत को सहेजने सहेजते असहज सी हो… Read More
साभार : Jashn-e-Rekhta +10