रंगों की होती है राजनीति आखिर किसने बनाया काले रंग को शोक का प्रतीक और सफेद को शांति का काला मुझे तो बहुत भाता है काली शर्ट काली टी शर्ट और काली पैंट काले लोग मुझे उतने अच्छे नहीं लगते… Read More
रंगों की होती है राजनीति आखिर किसने बनाया काले रंग को शोक का प्रतीक और सफेद को शांति का काला मुझे तो बहुत भाता है काली शर्ट काली टी शर्ट और काली पैंट काले लोग मुझे उतने अच्छे नहीं लगते… Read More
मेरे भी दिल मे अभी, उम्मीदे बहुत बाकी है। बस सभी का साथ चाहिए। पर्यावरण को बचाने के लिए । इंसानों का साथ चाहिए। जो हर मोड़ पर साथ दे, इसे बचने के लिए।। तप्ती हुई इस धूप में, शीतल… Read More
बचपन से किशोरावस्था तक, जब हम किसी भी पशु-पछी को बस एक उपभोग की चीज़ मानते थे, दर्द से कोई वास्ता नहीं था तब-तक उनकी चीर फाड़, निगल जाने को भी कभी ग़लत नहीं माना, न ही कभी कोई कष्ट… Read More
नहीं रहे ‘ वादा रहा सनम होंगे जुदा ना हम’ गीत लिखने वाले अनवर सागर : 1992 में अक्षय कुमार की फिल्म आई थी खिलाड़ी। ये फिल्म सुपर हिट रही थी। इसकी लोकप्रियता का आलम यह था कि इसी फिल्म… Read More
साहब ने एसी रूम में बैठ नो आब्जेक्शन लिख दिया चंद मिनटों में ही लकड़हारों ने मेरा वजूद मिटा दिया। दशकों तक हवा-पानी पाकर बड़ी हुई थी टहनियां। मेरे बड़े पत्ते तपती धूप में राहगीरों को देते थे छाया। बारिश… Read More
आओ आओ पेड़ लगाओ प्रदूषण को देश से भगाओ पेड़ इन्सान के जीवन की कहानी है ये बात ऋषि-मुनि-वैज्ञानिक ने मानी है पेड़ है तो ये जहाँ है पेड़ नहीं तो ये जहाँ नहीं चींटी हो या हाथी पेड़ सबका… Read More
बासु चटर्जी हिंदी और बांग्ला सिनेगा के ऐसे नाम हैं जिनकी फिल्में वास्तव में मध्यवर्गीय जीवन की छोटी – छोटी विसंगतियों को स्वर देती हैं। आम जीवन में पनपे प्रेम की सामाजिक जटिलता को सुलझाती हुई उनकी फिल्में समांतर सिनेमा… Read More
भारत पाकिस्तान का नाम एक साथ आते ही हर हिंदुस्तानी या पाकिस्तानी के कान ही खड़े नहीं होते बल्कि दोनों और के दिलों में एक चिंगारी भड़क उठती है जनाब। लेकिन इन दोनों दुश्मन मुल्कों के बीच बहुत बार ऐसे… Read More