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कविता : रोशनी को ढूँढता है

लगता है हमारा आपका साथ बस यही तक था। आप अपने आप को बहुत व्यस्त समझते हो। और सामने वाले को अपने से कम आंकते हो। जबकि सामने वाला व्यस्त होकर भी दोस्तो से मिलता है। हमारी और तुम्हारी सोच… Read More

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गीत : देख न ले

इस बात का डर है, वो कहीं रूठ न जायें ।। नाजुक से है अरमान मेरे, कही टूट न जायें।। फूलों से भी नाजुक है, उनके होठों की नरमी ।। सूरज झुलस जाये, ऐसी सांसों की गरमी ।। इस हुस्न… Read More

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कविता : सिखा देंगे

हम तो राह के राहगीर है जो आते जाते मिल जाते है। और बातों ही बातों में अपनी कहानी सुना देते है। तब कही मोहब्बत के दीप जल जाते है। तो किसी के जीवन में अँधेरा छा जाता है।। इसी… Read More

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कविता : सच्चे अच्छे है

दिलके आंगन में कुछ तो बातें है। जिसमें कभी खुशी तो कभी गम है। इन गमो को दूर करने दोस्त होते है। जो स्नेह प्यार से दुखदर्द हर लेते है।। कुछ तो है तुम्हारी बेचैनी का राज। जो तुम्हारे चेहरे… Read More

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कविता : कौन किसका

लोग अब रिश्तों का, अर्थ भूल गये है। क्या होते है रिश्ते, समझने से क्या फायदा। कितनी आत्मीयता होती थी, भारतीयों के दिलों में। अब तो एक दूसरे से, आंखे मिलाने से डरते है।। कौन किस का क्या है, सोचने… Read More

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कविता : हवाएं

हवाएं चलती रहती है मंजिल मिलती रहती है। कभी हुई तेज तो लोगों ने उसे आंधी का नाम दे दिया। और हुई जो तबाही इसे तो उसे हवाओं के नाम मड़ दिया। चाहकर भी हवाएं अपनी नरमी नहीं छोड़ती है।… Read More

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कविता : सफेद बादल काले बादल

कहां बरसती है बरसात , भले ही हो बादलों की बारात । सुखी रूई के फाए से , इधर-उधर उड़ते रहते हैं । काम न आए मरहम रखने के भी , जख्म हरे और रिसते रहते है । और तो… Read More

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कविता : अजनबी हो या….

जरा सी दोस्ती कर लो.., जरा सा साथ निभाये। थोड़ा तो साथ दे मेरा …, फिर चाहे अजनबी बन जा। मिलें किसी मोड़ पर यदि, तो उस वक्त पहचान लेना। और दोस्ती को उस वक्त, दिल से निभा देना।। वो… Read More

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लेख : विश्वास

कभी कभी इंसान कुछ इस तरह के काम कर जाता है जो जीवन के लिए यादगार बन जाता है और ता उम्र उसे भूल नहीं पता है। दोस्तो वैसे तो विश्वास आज के जमाने मे लोग किसी पर भी नहीं… Read More

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कविता : अभिमान के कारण

मान अभिमान के कारण में, उजड़ गए न जाने कितने घर। हँसते खिल खिलाते परिवार, चढ़ गये इसकी भेंट। फिर न मान मिला, न ही सम्मान मिला। पर आ गया अभिमान, जिसके कारण रूठ गये परिवार।। हमें न मान चाहिए,… Read More