छत्तीसगढ़ का बस्तर अंचल, आदिम संस्कृति एवं प्रकृतिक सौंदर्य के लिए जाना जाता है। यहां के लोक जीवन में जन्म से लेकर मृत्यु तक कला रूप समाया हुआ है। ऐसे ही कला का एक रूप धनकुल है जो बस्तर अंचल… Read More
छत्तीसगढ़ का बस्तर अंचल, आदिम संस्कृति एवं प्रकृतिक सौंदर्य के लिए जाना जाता है। यहां के लोक जीवन में जन्म से लेकर मृत्यु तक कला रूप समाया हुआ है। ऐसे ही कला का एक रूप धनकुल है जो बस्तर अंचल… Read More
देश कई कंपनियां छटनी व बंद होने कि राह पर हैं। दावा किया जा रहा है कि देश में आर्थिक हालात पिछले 6 वर्षों में सबसे निचले पायदान पर है। इस सब के बीच एक खबर ने और सनसनी मचाई… Read More
मनोरंजन का प्राचीन माध्यम रहे बहरूपिया अथवा बहुरूपिया आज हाशिए पर हैं। मनोरंजन के उपकरणों व आधुनिक संसाधनों के प्रचलन से पूर्व बहरूपिया ही मनोरंजन का प्रमुख साधन हुआ करते थे। इनकी उपस्थिति आम जन-मानस के बीच से लेकर राजदरबारों… Read More
डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिन को मनाना हम सबके लिए गर्व की बात है। किंतु अब वर्तमान परिस्थितियों मे शिक्षक के हाल को देखते हुए लगता है कि कहां शिक्षक और कहां राधाकृष्णन जी। दोनो एक दूसरे के पसंघे हो… Read More
ना हारना जरूरी है, ना जीतना जरूरी है,जीवन एक खेल है, इसे खेलना जरूरी है। ‘हॉकी के जादूगर’ के नाम से प्रसिद्ध भारत के महान हॉकी खिलाड़ी ‘मेजर ध्यानचंद सिंह’ के जन्मदिन 29 अगस्त पर पूरा देश इन्हें सम्मान देने… Read More
“उनको बता दो की दुनिया कई हिस्सों में विभक्त है, उनके सिद्धान्तों की प्रयोगिकता हर जगह नही चल सकती… “”रात हर जगह गहरी होती है और जब कभी आसमान पर तारे छिटकते है तो सबका मन मचलता है प्रेमी की… Read More
तस्वीरें बहुत कुछ कह जाती है बिना कहे लेकिन जब इन्हीं तस्वीरों पर कुछ बात कहनी हो तो शब्द मानों कम से रह जाते हैं। फोटोग्राफी विश्व को एक नायाब तोहफ़ा है। इसकी शुरुआत कब, कहाँ और कैसे हुई आज… Read More
साहित्य जनसमूह के हृदय का विकास है। साहित्य एक ऐसा दर्पण है जो वक्त के सापेक्ष अपनी छवि को परिवर्तित करता रहता है। एक लेखक या साहित्यकार अपनी कलम की तूलिका से श्वेत पत्रों पर जीवन के रंग बिखेर देता… Read More
मेरा नाम नवीन मणि त्रिपाठी है। हाल ही में मैंने इजराइल के बेन गुरियान विश्वविद्यालय (Ben-Gurion University of the Negev) से पी-एच.डी. कंप्लीट की है। अभी फिलहाल Particle Scientist के तौर पर बेल्जियम में काम कर रहा हूँ। देवरिया जिला… Read More
दुनिया की सबसे बड़ी आबादी की अदला बदली, लाखों लोगों के विस्थापन और लाखों निर्दोषों का लहू बहाने के बाद 14-15 अगस्त की मध्य रात्रि को हमें मिली आज़ादी की खुशबू कुछ अधिक प्रीतिकर होती अगर विभाजन का दंश हमें… Read More