kalabajari

लेख : कोराना में कालाबाजारी

कोरोना की दूसरी लहर भारत को बेहद खौफ़नाक मंज़र दिखा रही है। मौत की बढ़ती दर ने लोगों को भय की गिरफ्त में लिया है। संक्रमण का आंकड़ा भी बढ़ रहा है। भारत को कई मित्र राष्ट्रों ने मदद दी… Read More

अपनों के बीच वजूद तलाशती हिंदी

आज हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में पूरा सोशल मीडिया हिंदी के बखान अथवा हिंदी की खामियों से पटा पङा है। हिंदी  दिवस हम प्रतिवर्ष 14 सितंबर मनाते हैं, क्योंकि 14 सितंबर 1949 को हिंदी  को राज-भाषा घोषित किया। यह तारीख… Read More

पार्ले जी भी मंदी का शिकार

देश कई कंपनियां छटनी व बंद होने कि राह पर हैं। दावा किया जा रहा है कि देश में आर्थिक हालात पिछले 6 वर्षों में सबसे निचले पायदान पर है। इस सब के बीच एक खबर ने और सनसनी मचाई… Read More

विलुप्ति के कगार पर बहरूपिया

मनोरंजन का प्राचीन माध्यम रहे बहरूपिया अथवा बहुरूपिया आज हाशिए पर हैं। मनोरंजन के उपकरणों व आधुनिक संसाधनों के प्रचलन से पूर्व बहरूपिया ही मनोरंजन का प्रमुख साधन हुआ करते थे। इनकी उपस्थिति आम जन-मानस के बीच से लेकर राजदरबारों… Read More