ना जीने को दिल करता है, ना हीं मर जाने को, दिल करता है मेरा, सुन्दर – सा नगर बसाने को । जहाँ ना हो चोरी ड़कैती, ना हीं हो मर महँगाई की; जहाँ पाप समझे सब खाना, कमाई हराम… Read More
ना जीने को दिल करता है, ना हीं मर जाने को, दिल करता है मेरा, सुन्दर – सा नगर बसाने को । जहाँ ना हो चोरी ड़कैती, ना हीं हो मर महँगाई की; जहाँ पाप समझे सब खाना, कमाई हराम… Read More
बनाकर आशियाना अपनी मोहब्बत का, क्यों तुम गिरा रहे हो। जमाने के डर से शायद, तुम भाग रहे हो। और लोगो के भंवर जाल में, तुम फँस गये हो। और अपनी मोहब्बत का, जनाजा खुद निकल रहे हो।। ये दुनियाँ… Read More
मैं किसान हूँ अब आपने अनुमान लगा ही लिया होगा कि मेरे पिता एवं पितामह भी अवश्य ही किसान रहे होंगे आपका अनुमान सही है श्रीमान मेरे पूर्वज भी थे किसान किसान का पुत्र किसान हो या ना हो किसान… Read More
पिपासा तृप्त करने प्यासी धरा की बादल प्रेम सुधा बरसाने आया है अब तुम भी आ जाओ मेरे जीवन प्रेमाग्नि जलाने सावन आया है देखकर भू की मनोहर हरियाली नभ के हिय में प्रेम उमड़ आया है रिमझिम फुहारें पड़ीं… Read More
वो तो भूल गए कि उनको, बनाया किसने था चलना पकड़ के ऊँगली, सिखाया किसने था वो कहते हैं कि मंज़िल क़रीब है उनकी अब, पर भूल गए कि ये रास्ता, दिखाया किसने था होते हैं बहुत खुश जब देखते… Read More
कल रात जब वो आई थी घर मेरे तब होने लगी थी बेमौसम बारिश सिर्फ़ संयोग था बादलों का बरसना या थी कुदरत की वह एक साज़िश। मिली थी वह मुझसे पिछले बरस ही पर हम अब तक मिल ना… Read More
श्रम की मूरत, छली गई है अलग अलग के दौर में जब संकट आया भू, पर मलाई उड़ाई किसी और ने छलिया है चालाक बहुत पल में गुस्सा पल में आँसू हँस- हँसकर बातें करता अंदर बाहर में चेहरा लटका… Read More
जिसे भूल कर भी भुला ना सके हम, ‘मनोहर’ उसे ना फिर कभी याद आ सके हम, जिसे भूल कर भी …. यूँ बातें बहोत की बिना बात की, पर हाल ए दिल अपना बता ना सके हम, जिसे भूल… Read More
जलता हूँ मैं अपने आपमें अक्षर बन जाता हूँ नित्य प्रज्ज्वलित ज्वाला मेरे बनते हैं अक्षर प्रखर असमानता, अत्याचारों के विरूद्ध आवाज़ बनकर आते हैं ये मेरे प्रखंड प्राणाक्षर पंचशील का हूँ मैं साधना में अल्प की दृष्टि से देखो… Read More
कुछ सपने थे जो टूट गए, कुछ अपने थे जो छूट गए, पहले तो कुछ ना आभास था, यह भी होगा, ना विश्वास था, पर होनी तो होकर गुजरी, सब सगे स्नेह से लूट गए, कुछ सपने थे जो टूट… Read More