विद्यासागर जी की वाणी सुनो। ज्ञान अमृत का रसपान करो। ज्ञानसागर जी की दिव्य ध्वनि सुनो। जैन धर्म का पालन करो। विद्यासागर जी की वाणी सुनो।। आज हम सबका यह पुण्य है। मिला है हमें मनुष्यब जन्म ..। किये पूर्व… Read More
विद्यासागर जी की वाणी सुनो। ज्ञान अमृत का रसपान करो। ज्ञानसागर जी की दिव्य ध्वनि सुनो। जैन धर्म का पालन करो। विद्यासागर जी की वाणी सुनो।। आज हम सबका यह पुण्य है। मिला है हमें मनुष्यब जन्म ..। किये पूर्व… Read More
भावाभिव्यक्ति का ज्ञान नहीं केवल वक्ष व नितंब हिलाती है फूहड़ गीतों पर हुड़दंग मचा समाज में अश्लीलता फैलाती है उघाड़ती है जितना तन अपना दर्शकों से उतना धन वो पाती है नग्नता ही होती है आधुनिकता अपने कुतर्कों से… Read More
हे मेरे परम पूजनीय बाप ! आखिर कब तक वानप्रस्थ लेंगे आप ? यदि अभी आप सन्यास ले लेते, बेटे पर अपने उपकार तो कर जाते | खांस-खांस कर शोर मचाते और, नकली दांत कटकता रहें हैं | रीटायर होने… Read More
प्रेम एक एहसास है | प्रेम, मेरी धड़कन, मेरी हर श्वाँस है | क्या है यह एहसास ? वो ख्या बता पायेगा ? जो इसका अर्थ हीं ना जान पाया, और बनाता है काम-आसक्ती से इसका मजाक | प्रेम- एक… Read More
रौनक भरी उनकी इस महफ़िल में, उनके लिए मेरा मन क्यों उदास है? खड़ें हैं सामने उनके सभी भीड़ में, नहीं वो क्यों मेरे पास हैं? चारों ओर शोर ठहाका नजारों में, पर होंठ क्यों मेरे चुपचाप हैं? सभी व्यस्त… Read More
हमारे जीवन में डॅाक्टरों का अहम योगदान होता है। समाज में डॅाक्टर को भगवान के समान दर्जा दिया जाता है। डॅाक्टरों को सम्मान देने के लिए हर साल चिकित्सक दिवस मनाया जाता है। भारत में भी डॅाकटरों को सम्मान देने… Read More
तुम ही से प्यार करता हूँ, तुम ही पर जान देता हूँ। दिलकी हर धड़कन को, मैं पहचान लेता हूँ। तभी तो लोग, तेरी मेरी दोस्ती को। दिलसे आशीर्वाद और, दुआएं हमें देते है।। तुम्हारे और हमारे, प्यार के किस्से।… Read More
मुहब्बत में फ़क़त इक क़ायदा हो उसका क्या कहना मुहब्बत करता है जो जायज़ा हो उसका क्या कहना। निगाहों के इशारे, ख़त, जुबां धोखा दे सकते हैं। जिसे जज़्बात के तह का पता हो उसका क्या कहना जो उसके लब… Read More
बहुत दूर है तुम्हारे घर से, हमारे घर का किनारा। पर हवा के हर झोके से। पूंछ लेते है मेरी जान, हाल चाल तुम्हारा।। लोग अक्सर कहते है। जिन्दा रहे तो फिर मिलेंगे। पर मेरी जान कहती है। की निरंतर… Read More
रात भर सपनों में खुशहाल संसार देखा, सुबह हुई तो काँच सा बिखरा हुआ मंजर देखा, चहुं ओर चिल्लाती चिखती खामोशी दिखी, वही काँपती हाथ और वही बिफरा मजदूर दिखा | चाहता है ‘मनोहर’ भी, हर मजदूर का लेखा बदलना,… Read More