butterflyes

कविता : दिलकी बातें

कही पर बहुत खुशाली है कही पर बहुत उदासी है। कही पर यश कीर्ति है। कही पर नाम मात्र है।। न गमो में उदास रहते है। न खुशी में उछलते है। समानता के भाव हम। सदा ही दिलमें रखते है।।… Read More

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कविता : यात्रा का आनंद

सफर में आनंद आता है। जब एक जैसे मिल जाए। पता ही नहीं पड़ता है। कब मंजिल पर पहुँच गए। लोगों की बातें हमें बहुत कुछ सिखाती है। जो जिंदगी में हमारे बहुत ही काम आती है। कहने को सभी… Read More

girlalone

लेख : एक थी श्रद्धा

एक थी श्रद्धा माता-पिता दुलारी गई भटक रिश्ता भी धोखा दिल टूटा श्रद्धा का केवल पीड़ा ना वो आजादी मां-बाप बिन शादी गत श्रद्धा की ना प्रेम पला ना रहा लिव-इन जग-हसाई न रहा प्यार केवल व्यभिचार श्रद्धा व ताब… Read More

radhakrishana

गीत : मानवता है

दीप मोहब्बत के मैं दिल में जलता हूँ। स्नेह प्यार की गंगा हर घर में बहता हूँ। दिल में पड़े गये जो बीज नफरत के। उन्हें मिटाने को प्रेम बरसात हूँ प्रेम बरसात हूँ।। दीन दुखी के दिलो में आस… Read More

mosam

कविता : विकलांग नहीं दिव्यांग है हम

आँखे अँधी है, कान है बहरे , हाथ पांव भी भले विकल । वाणी-बुद्धि में बनी दुर्बलता , विश्वास-हौसला सदा अटल । अक्षमताओं से क्षमता पैदा कर , विकलांग से हम दिव्यांग कहाए । परिस्थितियों से लोहा लेकर ही ,… Read More

mataa

कविता : दर्शन बिना भी

तेरे दर पर जो आता है वो कुछ न कुछ तो पाता है। इसलिए तो तेरे दर से कोई भूखा नहीं जाता। सभी को अपने होने का तू एहसास कराती है। इसलिए बुलाबा भी तू सभी को भेजती हो।। सभी… Read More

shraddha

कविता : अंजाम क्यों हो ‘श्रद्धा’ सा तुम्हारा

सोया था मैं गहरी नींद में , एक मुझे सपना आया । हाथ पकड़कर ,गहन झंझोड़कर , जैसे था मुझे नींद जगाया । एक दिखा अस्पष्ट सा साया , जो धुंधला सा लगता था । जिसने खुद को था ‘श्रद्धा’… Read More

Darpann

कविता : दर्पण दिखाते है

न मुझे डर लगता है न मरने से मैं डरता हूँ। जीने मरने का अधिकार तो उसी के पास है। जिसने पृथ्वी पर हमें भेजा है कुछ करने को। तो कैसे हम बिना करे यहाँ से जा सकते है।। मानव… Read More

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कविता : स्वर्ग से सुंदर,हिन्दुस्थान

आओ ! मिलकर, हम चलो बनाएं , स्वर्ग से सुंदर, हिन्दुस्थान। विविध-विविध संस्कार भले हो, विश्व में हो, बस एक पहचान। आओ ! मिलकर …… ना बंटवारा,कभी चाहा हमने, कभी ना चाही,वो दासता । विश्वधरा से सब अपनाया , फिर… Read More

Dolat paisa

कविता : दौलत कमाने का नशा

नशा जब दौलत का लग जाये। तो जिंदगी दौड़ने लगती। सफर फिर जीवन का भी सच में बिखरने लगता। समय अभाव का कहकर निभा नहीं पाते कर्तव्य। क्योंकि समय तो दे रखा है सिर्फ अपनी दौलत को।। बड़े धनवान होकर… Read More