ram mandir ayodhya

कविता : बीत गईं कई सदियाँ देखो

बीत गईं कई सदियाँ देखो, कितने पुरखे स्वर्ग सिधारे कब आयेंगे राम अयोध्या, कैसन जागें भाग्य हमारे सदियों से तरसी सरयू में, राम नीर बहने वाला है रामलला आ रहे अयोध्या, अँधियारा ढ़लने वाला है। करी तपस्या,दीं है आहुति, प्राण… Read More

kavita payari duniya

कविता : प्यारी दुनिया

आँखो के मिलने से ही आँखो से प्यार हो गया। अब चाहत को पाने की मुझे कोशिश करना है। और दिल को दिलसे मिलना हमको जो है। तभी तो प्यार का सागर बनाया पायेंगे हम दोनों।। बसा अब ली है… Read More

poem kha tum ja rahe ho

कविता : क्या है ये…

कहाँ तुम जा रहे हो मुझे दिवाना बनाकर। हरा क्यों दर्द तुम ने अपनी हंसी को दिखाकर। अब क्यों फिर से दर्द तुम दिये जा रहे हो। और मोहब्बत का दीप क्यों बुझाये जा रहे हो।। जब जाना ही था… Read More

sad indian farmer

कहानी : मैं भी इंसान हूँ

पति-पत्नी भोर चार बजे खाट छोड़ अपने-अपने कामों में लग जाते हैं। घासीराम खेत चला जाता है। पुष्पा घर-आँगन को झाड़ू-पोंछा करके खाना बनाती है। सात बजे तक घासीराम हाथ-मुँह धोकर घर लौट आता है। खाना खाकर साढ़े सात बजे… Read More

story panchyat

कहानी : पंचायत

श्यामू पंडितजी का शूरपुरा गॉंव में सिक्का चलता है। गांव में ही नहीं; पूरे मौजे में कथा वाचते हैं, विवाह पढ़ते हैं और सारे पंडिताई के काम – काज करने के साथ – साथ खेती भी करते हैं। पंडित जी… Read More

kahni magru ki dadi

कहानी : मंगरू की दादी

मंगरू की दादी आँगन में खाट पर पड़ी रहती है। किसी का हृदय पसीजा तो खाना खाने के वास्ते बुलाते हैं। वरना, दादी खुद खाना खाने के वक्त थाली लेकर चली जाती है। वह भी एक बार सुबह और रात… Read More

waiting for mansoon

कहानी : निगाहें आसमान की ओर

राँची शहर खुश-मिज़ाज मौसम के लिए जाना जाता है। जेठ मास की अंतिम सप्ताह तक बारिश न होने के कारण आधे से अधिक बोरिंग सूख गया। सोसाइटी वाले बोरिंग तत्काल खोदवा लेते हैं। बोरिंग गाड़ी रात-दिन बोरिंग खोदता रहा। पर… Read More

winter mausam

कविता : सर्दी रानी

सर्दी रानी ने जैसे ही, अपने दरवाज़े खोले। बिन बुलाए निंदिया आए, सुस्ती की तूती बोले॥ पलक झुका दुल्हन के जैसे, धूप खड़ी है आंगन में । घर के सारे लोग आ गए , धूप वधू के स्वागत में ॥… Read More

Indian mother

कविता : आज फिर नेह से हाथ सिर पर फेर माँ

हूँ बहुत टूटा हुआ, बिखरा हुआ घायल निराश मरु में एक भटके पथिक-सा, दिग्भ्रमित- सा हताश प्रेम को प्यासा ह्रदय, व्याकुल स्वभाव ठिठोल को अपनत्व को आकुल है मन, जीवन दो मृदुबोल को बोल जिनको सुनकर मेरा, नयन नीर भी… Read More

story-sonam

कहानी : हवसी! तुझे नहीं छोडूँगी “उर्फ” सोनम : एक बहादुर लड़की

अजय कम्बल में दबे – दबे व्हाट्सएप पर सपना से चैट कर रहा है। बगल में गर्लफ्रैंड सीमा लेटी हुई है। रात में ज्यादा थक जाने से वह गहरी नींद में सो रही है और अजय दूसरी का शिकार करने… Read More