“खुदा करे इन हसीनों के अब्बा हमें माफ़ कर दें, हमारे वास्ते या खुदा, मैदान साफ़ कर दें” एक उस्ताद शायर की ये मानीखेज पंक्तियां बरसों बरस तक आशिकों के जुबानों पर दुआ बनकर आती रहीं थीं, गोया ये बद्दुआ… Read More
“खुदा करे इन हसीनों के अब्बा हमें माफ़ कर दें, हमारे वास्ते या खुदा, मैदान साफ़ कर दें” एक उस्ताद शायर की ये मानीखेज पंक्तियां बरसों बरस तक आशिकों के जुबानों पर दुआ बनकर आती रहीं थीं, गोया ये बद्दुआ… Read More
हे ! माँ मुझको गर्भ में ले ले, बाहर मुझको डर लागे। देह-लुटेरे, देह के दुश्मन, मुझको अब जन-जन लागे। अधपक कच्ची कलियों को भी, समूल ही डाल से तोड़ दिया। आत्मा तक को नोंच लिया फिर, जीवित माँस क्यों… Read More
वक्त के अंधेरे में वेवक्त ही मुलाक़ात हो जाये। दोस्ती न सही दुश्मनी की ही बात हो जाये। फिर से दोहरा लेते भूली – बिसरी यादों को, गुलो में गुलबहार न सही काँटा बबूल हो जायें, बात न करना तुम… Read More
हूं खुशकिस्मत अध्यापक हूं , हैं कार्यक्षेत्र मेरा अध्यापन। ज्ञान की अलख जगाने को ही, है मेरा सब समराथन । अज्ञान लोक यह जीवन है, इसमें अंधियारा रचा बसा। है परमपिता का परमाशीष, जो उससे लड़ने मुझे चुना। आदर्श बनाकर… Read More
गीत लिखते हो तुम, गीत गाता हूँ में। सुन कर मेरा गीत, मुस्कराते हो तुम। मेरे धड़कनो में, बस गए हो तुम। दिल मेरा अब, मेरे बस में बिल्कुल नही। कैसे तुम को बताऊं, हा ले इस दिल का। चोट… Read More
फ़ांका मस्ती ही हम गरीबों की विमल देखभाल करती है एक सर्कस लगा है भारत में जिसमें कुर्सी कमाल करती है “। उस्ताद शायर सुरेंद्र विमल ने जब ये पंक्तियां कहीं थी तब उन्होंने शायद ये अंदाज़ा लगा लिया था… Read More
इतनी शक्ति हमें देना माता। मनका विश्वास कमजोर हो न। हम चले धर्म के पथ पर, भूलकर भी कोई भूल हो न। इतनी शक्ति…।। दूर अज्ञान के हो अंधेरे। तुम हमें ज्ञान की रोशनी दो। हर बुराई से बचे रहे… Read More
मरहूम शायर नज़ीर अकबराबादी के जीवन पर आधारित यह नाटक बहुत ही सुंदर एवं सुव्यवस्थित ढंग से लिखा गया है, जिसे लिखा है वरिष्ठ रंगकर्मी एवं कवियित्री बिशना चौहान मैम ने। एक सफल नाटक वही कहलाता है जिसे इस प्रकार… Read More
उपन्यास का शीर्षक नींद क्यों रात भर नही आती, ग़ालिब की रचना “कोई उम्मीद बर नही आती, कोई सूरत नज़र नही आती, मौत का एक दिन मुअय्यन है, नींद क्यों रात भर नही आती” से उद्धृत है। यह उपन्यास इंसान… Read More
चाहे हो दिव्यांगजन, चाहे हो अछूत, कोई ना रहे वंचित सबको मिले शिक्षा कोई ना मांगे भिक्षा। दुनिया की भूख मिटाने वाला, किसान कभी ना करे आत्महत्या। किसी पर कर्ज़ का ना बोझ हो सबके चेहरे पर नई उमंग और… Read More