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कथा लखनऊ : दयानंद पांडेय

कहानी या उपन्यास लिखना मेरे लिए सिर्फ़ लिखना नहीं है, एक प्रतिबद्धता है। प्रतिबद्धता है पीड़ा को स्वर देने की। चाहे वह खुद की पीड़ा हो, किसी अन्य की पीड़ा हो या समूचे समाज की पीड़ा। यह पीड़ा कई बार… Read More

bhaosaa

कविता : क्या कह कर गये थे

आज और कल में क्या है अंतर और आने वाले कल में क्या होगा। क्या इंसान इंसान को समझेगा और अपनी इंसानियत जिंदा रखेगा। और क्या एक दूसरे को ही वो अपना शिखार बनायेगा। इसकी भविष्य वाणी क्या कोई आज… Read More

noratri

कविता : माँ तेरे रूप अनेक

मन मंदिर में आन विराजो मेंहर वाली मातारानी। दर्शन की अभिलाषा लेकर आ गये हम मेंहर में। तुमको अपने दर्शन देने बुला लो हमें मंदिर में। हम तो तेरे बच्चे है काहे घूमा रही हो दुनिया में।। कितने वर्षो से… Read More

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कविता : क्या है ये दुनियाँ

ये दुनियाँ बहुत सुंदर है मुझे रहना नहीं आया। ये जिंदगी बहुत खूबसूरत है मुझे इसे जीना नहीं आया। दिया क्या कुछ प्रकृति ने इसे भोगने के लिए। मगर मेरी मन में तो कुछ और चल रहा था। इसलिए छोड़कर… Read More

kashmir file

समीक्षा : लाज़िम है कि हम भी देखेंगे

मैंने भी "द कश्मीर फाइल्स" देख ली है। पहली बार कोई फ़िल्म इतनी चर्चा के बाद देखी। मेरी मित्र सूची में शामिल अभिनेत्री भाषा सुम्बली और और हमारे भैय्या अरुण शेखर जी के करीबी मित्र अतुल श्रीवास्तव जी भी फ़िल्म… Read More

saath

गीत : साथ

तेरा मेरा साथ रहे मेरा तेरा साथ रहे। दिलकी फर्याद रहे तेरे दीदार मिले। मिलने मिलाना का दौर चलता रहे। सुखदुख के साथी बने साथ जो तेरा रहे।। तेरा मेरा साथ रहे..। जब से तुम मिलो हो तकदीर गई है… Read More

himtaj mata

भजन : जय हिंगलाज मां

जय-जय तेरी मां हिंगलाज, दर्शन करने आए आज । तेरा आशीर्वाद जो पाएं , भवसागर से हम तर जाएं । दुनिया में ज्ञान के दीप जलाएं, तेरी अमरज्योत उजलाएं । उड़ते रहें पंख परवाज । जय-जय तेरी मां हिंगलाज ,… Read More

कविता : क्या क्या नहीं दिया तूने

अगर दर्द न होता तो खुशी की कीमत न होती। अगर चाहने से मिल जाता सब कुछ दुनियाँ में तो..। ऊपर वाले की किसी को जरूरत न होती। और खुद ही बन जाता अपना भाग्य विधाता।। भूला दो बीता हुआ… Read More

basant

कविता : बसन्त ने छेड़ी तान

मन्द मन्द बसंत ने छेड़ी तान भक्ति भी खड़ी लिए फूलो का हार।। सरयू तट है उदार बहती है शीतल धार नव सुगन्ध भरती कल – कल धारा बहती।। सरयू तट पर राम झाकी धनुष बाण लिए हाथ पीताम्बर तन… Read More

lata mangeshkar

मेरी आवाज़ ही मेरी पहचान है : सुर साम्राज्ञी भारतरत्न लता मंगेशकर

सुर साम्राज्ञी, स्वर कोकिला भारतरत्न लता मंगेशकर हमारे बीच सदा युगों-युगों तक अपने गीतों के माध्यम से उपस्थित रहेंगी। संगीत का मतलब लता मंगेशकर कहें तो कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी। या यूँ कहें कि संगीत का जब भी नाम लिया… Read More