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कविता : बच्चे

बच्चे बहुत अच्छे होते हैं तन, मन, वचन, आत्मा से बहुत सच्चे होते हैं प्रेम-सद्भाव के वृक्ष-आम के कोमल डालियों की तरह सदा झुके होते हैं कच्चे-पक्के फलों की तरह लदे होते हैं यदि मिलनसार की भाषा सीखना है तो… Read More

पुस्तक समीक्षा : ‘सरहदें’ तोड़ता है कई तरह की सरहदें

कवि हमेशा सीमाएँ तोड़ता है, वे चाहें जिस भी प्रकार की हों— राजनीतिक, समाजिक, धार्मिक अथवा आर्थिक। मनुष्य सामाजिक प्राणी है और समाज के बिना उसका काम नहीं चलता, इसलिए वह सामाजिक नियमों में आसानी से बँध जाता है। यहाँ… Read More

राष्ट्रीय संगोष्ठी : कामायनी तथा गीतांजलि का वैशिष्ट्य

आप सभी कार्यक्रम में सादर आमंत्रित हैं… *राष्ट्रीय संगोष्ठी* *शिवाजी कॉलेज,* हिंदी विभाग की साहित्यिक सांस्कृतिक समिति *’साहित्य संगम’*, दिल्ली विश्वविद्यालय तथा *महाकवि जयशंकर प्रसाद फाउंडेशन* के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी विषय : कामायनी तथा गीतांजलि… Read More

कविता : अरज करूँ मैं

हे मेरे ईश्वर, ओ माय गॉड,ए मेरे मालिक, या खुदा। हाथ उठाऊं, अरज करूँ मैं, ढूँढ़ू तुझको मैं कहाँ कहाँ। मन्दिर में ढूँढा तो मिली बस तेरी मूरत थी प्यारी। गिरजे का घण्टा बजा मैं थाका तेरी शान थी न्यारी।… Read More

गीत : अकेला जा रहा हूँ

हाथ से छिटले हुये  रिश्ते नहीं झुठला रहा हूँ, वक़्त की सीढ़ी बड़ी बोझिल, जरा घबरा रहा हूँ। कुछ हैं अच्छे लोग, कुछ हैं ऐसे लोग जिनको, और अपना मानता था, खैर! धोख़े खा रहा हूँ । हाँ किसी जन्नत… Read More

कविता : कल को आज में जीओ

जो लोग कल में, आज को ढूंढते है। और खुद कल में जीते है, वो बड़े बदनसीब होते है। क्योंकि कल जिंदगी में, कभी आता ही नही। इसलिए में कहता हूं, की आज में जीकर देखो। जिंदगी होती है क्या,… Read More

कहानी पाठ एवं परिचर्चा : किराये का मकान

नागरी प्रचारिणी सभा, देवरिया में कहानीकार महेश सिंह ने अपनी कहानी ‘किराये का मकान’ का पाठ किया तत्पश्चात कहानी पर चर्चा करते हुए प्रसिद्ध एक्टिविस्ट डॉ. चतुरानन ओझा ने कहा कि- कहानी का सुखांत होना आस्वस्ति पैदा करता है। जीवन… Read More

आशीष कंधवे को मिला रामवृक्ष बेनीपुरी पत्रकारिता सम्मान 2019

नमस्कार मित्रों, अत्यंत विनम्रता के साथ यह सूचित करना चाहता हूँ कि आर्यावर्त साहित्य-संस्कृति संस्थान, नई दिल्ली के द्वारा आयोजित पुस्तक लोकार्पण एवं भव्य सम्मान समारोह का आयोजन आज 3 नवंबर, 2019 को साहित्य अकादमी के सभागार, नई दिल्ली में… Read More

गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व पर अपने विचार हमसे साझा करें

गुरु नानक जयंती से जुड़ी हुई अपनी यादों को हमसे अपनी रचनाओं के माध्यम से साझा करें। जिसे साहित्य सिनेमा सेतु के वेबपोर्टल पर प्रकाशित किया जाएगा। www.sahityacinemasetu.com ईमेल : sahityacinemasetu@gmail.com अंतिम तिथि : 11.11.19 लेखकों/रचनाकारों हेतु:- अपना नाम हिन्दी… Read More

उस बहती नदी को समीप से देखा

आज मैंने उस बहती नदी को समीप से देखा जो हर रोज पड़ती है मेरे अध्व में…… मैं गुजर जाती हूं अपने जीवन की सूझ बूझ में उलझी उलझी….. मगर शायद आज नियति में था उससे मिलना वो वैसी बिल्कुल… Read More