तुम्हें दिल लगी भूल जाने पड़ेगी। गुरु चरणों में शीश झुका के तो देखो। तुम्हे दिल लगी भूल जाने पड़ेगी। प्रभु चरणों में शीश झुका के तो देखो। तुम्हे दिल लगी भूल जाने पड़ेगी। णमोकार मंत्र को जपके तो देखो।… Read More
तुम्हें दिल लगी भूल जाने पड़ेगी। गुरु चरणों में शीश झुका के तो देखो। तुम्हे दिल लगी भूल जाने पड़ेगी। प्रभु चरणों में शीश झुका के तो देखो। तुम्हे दिल लगी भूल जाने पड़ेगी। णमोकार मंत्र को जपके तो देखो।… Read More
जन सभाएं चल रही, शिक्षा के मंदिर बंद। कैसा कोरोना काल है, निर्णय भी मतिमंद। भाषण पे भाषण दिए, बच्चें घूमते खोर। सत्ता भी मजबूत हो, बच्चों पर दो जोर। जब बसें पूरी भरें, चलती क्यों न रेल। बाजार यहाँ … Read More
कल से कल तक में आज को ढूँढ रहा हूँ। जीवन के बीते पलो को, आज में खोज रहा हूँ। शायद वो पल मुझे आज में मिल जाये।। बीत हुआ समय, कभी लौटकर नहींआता। मुंह से निकले शब्द, कभी वापिस… Read More
कही दीप जल रहे है तो कही छाय पढ़ रही है। कही दिन निकल रहा है तो कही रात हो रही है। मोहब्बत करने वालो को क्या फर्क पड़ता है। क्योंकि उन दोनों के तो दिल से दिल मिल गये… Read More
जब भोर हुए आना, जब शाम ढले आना। संकेत प्रभु का, तुम भूलना जाना, जिनेन्द्रालाय चले आना। जब भोर हुए आना, जब शाम ढले आना।। मैं पल छीन डगर बुहारूंगा, तेरी राह निहारूंगा। आना तुम जिनेन्द्रालाय दर्शन को , करना… Read More
तुम हो कलयुग के भगवान गुरु विद्यासागर। तुम हो ज्ञान के भंडार गुरु विद्यासागर। हम नित्य करें गुण गान गुरु विद्यासागर।। बाल ब्रह्मचारी के व्रतधारी संयम नियम के महाव्रतधारी। तुम हो जिनवाणी के प्राण गुरु विद्यासागर। हम नित्य करे गुण… Read More