हिंदी सिनेमा में हिंदी की स्थिति

भारत जैसे बहुभाषी और बहु-सांस्कृतिक परंपरा वाले देश में सिनेमा की व्यापक पहुंच ने इसे लोगों के मनोरंजन का सर्वाधिक लोकप्रिय माध्यम बना दिया है और इसमें हिंदी भाषा का व्यापक योगदान है।  1931 में पहली बोलती फिल्म ‘आलम आरा’… Read More

कहानी : गंगा-मैया

गाँव के लगभग दस लोगों से पूछने और पूरे गाँव की तंग गलियों में भटकने के बाद आखिरकार वह खपरैल का मकान मिल ही गया. घर के ठीक सामने ही एक बूढी औरत अलाव जलाने के लिए पुआल में थोड़ी… Read More

गीत : तुझसे दूर भला कैसे जाऊं मैं

तुझसे दूर भला कैसे जाऊं मैंदिल का हाल किसे सुनाऊं मैं तू हर्फ़ दर हर्फ़ याद है मुझेतुझे भला किस तरह भुलाऊँ मैं दिल में बस तेरी ही तस्वीर लगी हैकिसी और को इसमें कैसे बसाऊं मैं तुझे खोने का… Read More

यादों में रहेंगी सुषमा

पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का अनायास ही 67 वर्ष की उम्र में 6 अगस्त 2019 को देहांत हो गया। उन्होने 10 दिसंबर 2016 में एम्स में किडनी ट्रांसप्लांट कराया था। जिसके बाद वह स्वास्थ्य को लेकर सजग थीं। दिल… Read More

फिल्म और वृत्तचित्र में अनुवाद की भूमिका

वैश्विक संदर्भों में अनुवाद की भूमिका को नकारा नहीं जा सकता। वर्तमान में वैश्विक सरोकारों के चलते अनुवाद एक आवश्यक सम्प्रेषण माध्यम बन चुका है। दरअसल दो अलग देशों, भिन्न संस्कृतियों, दो समुदायों के दो अलग भाषी लोगों के बीच… Read More

सिनेमा और अर्थव्यवस्था

जब कभी कला विशेषकर सिनेमा के बारे में बात की जाती है तो कुछ लोग ऐसा कहते है कि सिनेमा का अर्थव्यवस्था से कोई लेना देना नहीं है।  हालांकि जब हम सिनेमा की गहन समीक्षा करते हैं तो पाते हैं… Read More

हॉलीवुड की तुलना में भारत में साहित्य का फिल्मांतरण इतना कम क्योँ ?

यह बात अक्सर मुझे तंग करती रही है कि भारत में और विशेष रूप से मुख्यधारा के हिन्दी सिनेमा में साहित्य पर बनने वाली फिल्मों की संख्या इतनी कम क्यों है। वैसे तो यह संख्या हमेशा ही बहुत कम रही… Read More

लघु कहानी : दहेज़ का असर

खिड़की से एक टक बाहर देखती या बैचैनी से इधर-उधर चहलकदमी करती एक नई नवेली दुल्हन मानो आज उस पर तूफान आया हुआ है। आज उसे हर रिश्ता फीका लग रहा हो। इसी उधेड़बुन में थी कि अब क्या होगा।… Read More

कविता : मैं नारी हूँ

मैं नारी हूँ और  मैं शापित हूँ नरों की कुंठा  झेलने के लिए और इस बेढंगे समाज में रोज़ नई प्रताड़नाओं से मिलने के लिए मैं कैसे तोड़ पाऊँगी इन सभी वर्जनाओं को जो इतिहास ने खड़े कर रखे हैं मेरे… Read More

अब जम्मू-कश्मीर में भी तिरंगा

कभी स्वतंत्र रियासत होने वाला जम्मू-कश्मीर के महाराजा हरिसिंह ने 2 अक्तूबर 1947 में भारत के साथ विलय-पत्र पर हस्ताक्षर किए। इसके साथ भारतीय संविधान में अनुच्छेद 370 जुड़ गया। यह अनुच्छेद जम्मू-कश्मीर को विशेष अधिकार प्रदान करता है। जिसने… Read More