अपनों के बीच वजूद तलाशती हिंदी

आज हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में पूरा सोशल मीडिया हिंदी के बखान अथवा हिंदी की खामियों से पटा पङा है। हिंदी  दिवस हम प्रतिवर्ष 14 सितंबर मनाते हैं, क्योंकि 14 सितंबर 1949 को हिंदी  को राज-भाषा घोषित किया। यह तारीख… Read More

hindi indian language

राष्ट्रभाषा के रूप में हिंदी को मान्यता मिलनी चाहिए ? वोट करें।

एक राष्ट्र, एक भाषा किसी भी देश को एकता के सूत्र में मजबूती से बांधने का काम करती है। वह उस देश के लिए आन, बान और शान होती है। इससे किसी भी देश की सभ्यता और संस्कृति का भी… Read More

नागरी प्रचारिणी सभा, देवरिया में हिंदी दिवस और सम्मान समारोह का आयोजन

हिन्दी दिवस समारोहनागरी प्रचारिणी सभा देवरिया में प्रति वर्ष की भांति हिन्दी दिवस समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें बड़ी संख्या में बुद्धिजीविओं, साहित्यकारों और साहित्य प्रेमियों ने सहभागिता की।समारोह को मुख्य अतिथि प्रख्यात साहित्यकार डॉ. अरुणेश नीरन, विशिष्ट अतिथि… Read More

हिंदी लेखकों और पत्रकारों के साथ घटतौली की अनंत कथा

हिंदी में अजब घटतौली है। कमोवेश हर जगह। क्या प्रकाशक, क्या संपादक, क्या अखबार या पत्रिकाएं। सब के सब एक लेखक नाम के प्राणी को गरीब की जोरु को भौजाई बनाने का सुख लूट रहे हैं। जाने कब से। पहले… Read More

प्यार, स्नेह और दया का पोषक है हिंदी

हिंदी भाषा का 1000 वर्ष का हमारा ये गौरव शाली ईतिहास हमें यह बताता हैं की मेरी जड़े इतनी कमजोर नही हैं की जो भी आएगा मुझे उखाड़ कर फेक सकेगा | बल्कि मुझ मे इतना प्रेम, स्नेह भरा हैं… Read More

ठाकुर खिलवानी : छोटे कदकाँठी का बड़ा अभिनेता

सतना की माटी ने सतना ही नहीं बल्कि देश विदेश में अपने सपूतों को उजागर किया। इस माटी में कई बीज अंकुरित होकर अपने काम के द्वारा इस जग में नाम कर गए, उसी में एक जाना पहचाना नाम था… Read More

अथ श्री चौबे बाबा की यस से नो तक की ‘इंजीनियरिंग कथा’

अथ श्री चौबे बाबा की यस से नो तक की ‘इंजीनियरिंग कथा’ फलां चच्चा को देख ले इंजीनियरिंग किए हैं, आज मौज काट रहा है अगला। कुछ साल का मेहनत है उसके बाद तो जिंदगी मजे में कटेगा। ये घनश्याम… Read More

कर्म-सिद्धान्त की पृष्ठभूमि

बृहदारण्यक उपनिषद् के अनुसार पुरुष जैसा आचरण करता है वैसा ही होता है। सदाचारी या पापी की व्यवस्था सदाचार एवं पापाचार के अधीन है। पुण्य-कर्म से पुण्य एवं पाप कर्म से पाप कहा जाता है।  जो कर्म करता है वही… Read More

राष्ट्र की पहचान है भाषा

किसी भी राष्ट्र की पहचान उसकी अपनी भाषा से होती है। बहु भाषा-भाषी भारत में हिंदी भाषियों की संख्या सर्वाधिक है। आंकड़ो के मुताबिक देश-दुनिया में 125 करोड़ से अधिक लोग हिंदी बोलते/समझते हैं। स्वाधीनता आंदोलन की सशक्त आवाज़ रही… Read More

हिंदी है हम

हिंदी है हम वतन हिन्दोस्तां हमारा, यह बात बिल्कुल ठीक है। और हिन्दुस्तान में रहकर हिंदी की अनभिज्ञता बात ठीक नहीं है। हिंदी हमारी राजभाषा हो या न हो राष्ट्रभाषा जरूर है। संविधान के भाग -17 तथा अनुच्छेद 343  से … Read More