“हुजूर,आरिजो रुख्सार क्या तमाम बदन मेरी सुनो तो मुजस्सिम गुलाब हो जाए, गलत कहूँ तो मेरी आकबत बिगड़ती है जो सच कहूँ तो खुदी बेनकाब हो जाए” इधर सताए हुए कुछ लोगों के जख्मों पर फाहे क्या रखे गए उधर… Read More
“हुजूर,आरिजो रुख्सार क्या तमाम बदन मेरी सुनो तो मुजस्सिम गुलाब हो जाए, गलत कहूँ तो मेरी आकबत बिगड़ती है जो सच कहूँ तो खुदी बेनकाब हो जाए” इधर सताए हुए कुछ लोगों के जख्मों पर फाहे क्या रखे गए उधर… Read More
पुस्तक – कुछ नीति कुछ राजनीति लेखक – भवानीप्रसाद मिश्र पुस्तक समीक्षा – मयंक रविकान्त अग्निहोत्री भारतीय साहित्यिक इतिहास में श्रेष्ठ रचनाकारो की गिनती में भवानीप्रसाद मिश्र जी को सम्मिलित किया जाता है। कुछ नीति कुछ राजनीति पुस्तक उनके श्रेष्ठ… Read More
बनी धाय थी ,वही गाय हूं, करते क्यों तुम तिरस्कार । किस दिन लौटे,फिर जीवन में, मेरे वो… Read More
“खुदा करे इन हसीनों के अब्बा हमें माफ़ कर दें, हमारे वास्ते या खुदा, मैदान साफ़ कर दें” एक उस्ताद शायर की ये मानीखेज पंक्तियां बरसों बरस तक आशिकों के जुबानों पर दुआ बनकर आती रहीं थीं, गोया ये बद्दुआ… Read More
एक अपील, विनम्रतापूर्वक निवेदन के साथ… हंसराज कॉलेज, दिल्ली ने शिक्षा जगत में कीर्तिमान स्थापित करने के साथ ही साहित्य, सिनेमा, मीडिया, खेल, राजनीति, प्रशासन के क्षेत्र में कई विभूतियों को जन्म दिया है। शैक्षणिक उपलब्धियों के साथ साहित्यिक और… Read More
हे ! माँ मुझको गर्भ में ले ले, बाहर मुझको डर लागे। देह-लुटेरे, देह के दुश्मन, मुझको अब जन-जन लागे। अधपक कच्ची कलियों को भी, समूल ही डाल से तोड़ दिया। आत्मा तक को नोंच लिया फिर, जीवित माँस क्यों… Read More
वक्त के अंधेरे में वेवक्त ही मुलाक़ात हो जाये। दोस्ती न सही दुश्मनी की ही बात हो जाये। फिर से दोहरा लेते भूली – बिसरी यादों को, गुलो में गुलबहार न सही काँटा बबूल हो जायें, बात न करना तुम… Read More
फ़िल्म – पानीपत कास्ट: अर्जुन कपूर, संजय दत्त, कृति सनोन, मोहनीश बहल, पद्मिनी कोल्हापुरे, जीनत अमान, कुणाल कपूर, नवाब शाह, सुहासिनी मुले निर्देशक: आशुतोष गोवारीकर संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावत ने पिछले साल जब भारत में मुस्लिम विरोधी भावना… Read More
मुक्ति भवन (Hotel Salvation) निर्देशक – सुभाशीष भटियानी कलाकार – आदिल हुसैन, ललित बहल, आदिल हुसैन एवम ललित बहल द्वारा अभिनीत इस फ़िल्म में पिता , पुत्र के संबंध एवं भारत में अंतिम समय आने पर किस तरह बुजुर्ग लोग… Read More
10 एपिसोड्स, साढ़े सात घण्टे की महाभारत। बाँध कर रखने में सक्षम, मनोज बाजपई और टीम का सशक्त अभिनय और दमदार पटकथा। परन्तु एडिटिंग में काफी खामियां है, पहले दो एपिसोड्स बेहद धीमे लगे, हालाँकि कहानी को कहने के लिए… Read More