कविता : कुछ सपने थे जो टूट गए

कुछ सपने थे जो टूट गए, कुछ अपने थे जो छूट गए, पहले तो कुछ ना आभास था, यह भी होगा, ना विश्वास था, पर होनी तो होकर गुजरी, सब सगे स्नेह से लूट गए, कुछ सपने थे जो टूट… Read More

गीत : कितना समझे

जितना हमने है देखा, और अबतक समझ हम पाये। संसार के इस चक्कर ने, हम सबको बहुत रुलाया। हो हो हो ………………।। लोगो की भावनाओं से इन सब ने अबतक खेला। कभी धर्म जाती के नाम पर, उन्हें आपस में… Read More

कविता : मिथिला

मिश्री जैसी मधुर है हमारी बोली हम प्रेमी पान मखान और आम के भगवती भी जहाँ अवतरित हुईं हम वासी हैं उस मिथिला धाम के संतानों को जगाने मिथिला की माएँ सूर्योदय से पूर्व गाती हैं प्रभाती सुनाकर कहानियाँ ज्ञानवर्धक… Read More

poem bolta hu mai

कविता : बोलता हूँ मैं

मैं समाज से बोलता हूँ दुनिया से बोलता हूँ मनुष्य से बोलता हूँ मेरे पास वह शक्ति नहीं उन भेड़ियों से बोलने का कुटिल तंत्रों के साथ लड़ने का होने दो मुझ पर इनके नादान परिहास रचने दो मंत्र –… Read More

movie poster A billion color story

रंगों में भिगोती ‘अ बिलियन कलर स्टोरी’

कलाकार – ध्रुव पद्मकुमार, गौरव शर्मा, वासुकी, रश्मि सोमवंशी आदि निर्देशक, लेखक – पद्मकुमार नरसिम्हमूर्ति निर्माता – सतीश कौशिक, पद्मकुमार नरसिम्हमूर्ति अपनी रेटिंग – 4 स्टार पद्मकुमार नरसिम्हमूर्ति शाश्वत आशावादी और आदर्शवादी व्यक्ति हैं। उन्होंने अपने विचार अपनी पहली फीचर… Read More

गीत : दूर रहो बस दूर रहो

न हम बदले न वो बदले, फिर क्यों बदल रहे इंसान। कल तक जो अपने थे, सब की आंखों में बसते थे। पर अब तो वो सिर्फ, सपनो जैसे देखते है। न हम न वो आये जाएं, अब एक दूसरे… Read More

actor guru dutt

जयंती पर विशेष : संवेदनशील और समय से आगे सोचनेवाले निर्देशक गुरुदत्त

गुरुदत्त हिंदी सिनेमा के सबसे संवेदनशील निर्देशकों में शामिल हैं। गुरुदत्त बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे। वे फिल्म निर्माण के अधिकतर क्षेत्रों में अपना दखल रखते थे। मुझे उनकी टक्कर का एक ही शख्स लगता है वो हैं राजकपूर। खैर… Read More

Actor Sanjeev Kumar

जयंती पर विशेष : एफर्टलेस एक्टिंग के सरताज संजीव कुमार

संजीव कुमार हिंदी फिल्मों के सबसे उत्कृष्ट कलाकारों में से एक हैं। उनकी सबसे बड़ी खासियत यह थी कि वे एफर्टलेस एक्टिंग (सहज अभिनय) करते थे। यही बात उन्हें अन्य कलाकारों से जुदा करती है। उनकी दूसरी खासियत ये थी… Read More

Poem Mithila Dham

कविता : हमारा मिथिला सबसे महान

मिश्री जैसी मधुर है हमारी बोली हम प्रेमी पान मखान और आम के भगवती भी जहाँ अवतरित हुईं हम वासी हैं उस मिथिला धाम के संतानों को जगाने मिथिला की माएँ सूर्योदय से पूर्व गाती हैं प्रभाती सुनाकर कहानियाँ ज्ञानवर्धक… Read More