बिछड़ा कुछ इस अदा से कि रुत ही बदल गई इक शख़्स सारे शहर को वीरान कर गया -ख़ालिद शरीफ़ कौन होगा जो ऋषि कपूर को देखे हुए बिना बड़ा हुआ होगा ? कौन होगा जो इरफ़ान खान को देखे… Read More
बिछड़ा कुछ इस अदा से कि रुत ही बदल गई इक शख़्स सारे शहर को वीरान कर गया -ख़ालिद शरीफ़ कौन होगा जो ऋषि कपूर को देखे हुए बिना बड़ा हुआ होगा ? कौन होगा जो इरफ़ान खान को देखे… Read More
‘लक बाय चांस’ के प्रोड्यूसर किरदार रोमी रोली का किरदार एक जगह खुद से बतियाता इंडस्ट्री के बदलते चलन और परंपराओं के टूटने पर रोता है। वह स्टार पुत्रों को अपनी फ़िल्म में लेना चाहता हैं पर वह सब उनसे… Read More
“सिर्फ इंसान ही गलत नहीं होते, वक्त भी गलत हो सकता है।” 29 अप्रैल, 2020 का दिन भारतीय कला जगत को एक ऐसा ज़ख्म देकर गया जिसकी भरपाई करना मुश्किल हैं। जिस बॉलीवुड में बिना किसी पहचान एवं पहुंच के… Read More
राजस्थान के एक पठान परिवार में जन्म लेने वाला ये लड़का शुद्ध शाकाहारी था । पिता जी अक्सर चिढाते हुए कहते थे कि पठान के परिवार में ब्राह्मण ने जन्म लिया है। सब ठीक चल रहा था, नेशनल स्कूल ऑफ… Read More
रिश्तों में भरोसा और मोबाइल में नेटवर्क न हो तो लोग गेम खेलने लगते हैं। (फ़िल्म ‘जज़्बा’) जिंदगी भी कब कौन सा गेम खेल जाए पता ही नहीं चलता। अपने आप को भले ही हम कितना भी बड़ा खिलाड़ी समझे… Read More
निर्माता : ब्रम्हानंद एस सिंह और आनंद चैहाण निर्देशक : ब्रम्हानंद एस सिंह और तनवी जैन कलाकार : बोमन ईरानी,तनिष्ठा चटर्जी, संजय सूरी, जौयसेन गुप्ता, दिव्या दत्ता, गोविंद नाम देव,यतिन कर्येकर, अखिलेंद्र मिश्रा, बचन पचेरा, बाल कलाकार आरती झा और… Read More
सायकॉलॉजिकल थ्रिलर फ़िल्म है – राक्खोश मशहूर मराठी लेखक नारायण धड़प की कहानी ‘पेशेंट नंबर 302’ पर बनी सायकॉलॉजिकल थ्रिलर फ़िल्म राक्खोश तुम्बाड़ के बाद एक अच्छी हॉरर-ड्रामा फ़िल्म आई है। जो इस जॉनर की सबसे अच्छी हॉरर फिल्मों में… Read More
छोटा नागपुर 54 करोड़ वर्ष पुराने , हरे-भरे जंगलों और पहाड़ों से घिरे इस प्लेटियू को पूरी दुनिया लोहा, कॉपर, यूरेनियम जैसे मिनरल्स के लिए जानती है। जहाँ लगातार हो रहे खनन के लिए चाहिए जमीन, लेकिन जंगल, पहाड़, नदी… Read More
पिछले 15 सालों में खेती से हुए नुकसान से लगभग 7300 किसान मजदूरों ने आत्महत्या कर ली। यह आँकड़ा कहने सुनने में छोटा लग सकता है किंतु सोचकर देखें कि जिन किसानों की बदौलत हम अनाज, फल, सब्जियां खाते हैं… Read More
आदिवासियत को महसूस करना है तो इस फ़िल्म को देखिए… इस जंगल की निगाहों में देखी हर शुरुआत है मैंने । देखा हर अंजाम । कहाँ है मेरा नाम । एक दिन इंसान जंगल में आया और जंगल ने अपनी… Read More