पाकिस्तान:एक असफल देश पाकिस्तानी आँखों में क्युँ मानवता नही दिखती पाकिस्तानी हाथों में क्यूँ दानवता ही रहती भारत को मिटाने खातिर पाकिस्तान अब टूट रहा है पाकिस्तानी लोंगो में कोई समानता नहीं रहती , पाकिस्तान को टूटना होगा पाकिस्तान को… Read More
पाकिस्तान:एक असफल देश पाकिस्तानी आँखों में क्युँ मानवता नही दिखती पाकिस्तानी हाथों में क्यूँ दानवता ही रहती भारत को मिटाने खातिर पाकिस्तान अब टूट रहा है पाकिस्तानी लोंगो में कोई समानता नहीं रहती , पाकिस्तान को टूटना होगा पाकिस्तान को… Read More
याद आती है तेरी मीठी बातें, याद आती है तेरी शैतानी बातें। सो जाता हूँ जब भी मैं रात को, ख़्वाबों में तंग करती है तेरी ही बातें।। कभी तो तू मुझे दिलासा दें, अपने दिल में मुझे थोड़ी जगह… Read More
जल रही हो जिसमें लौ आत्मज्ञान की समझ हो जिसको स्वाभिमान की हृदय में हो जिसके करुणा व प्रेम भरा बाधाओं व संघर्षों से जो नहीं कभी डरा अपनी संस्कृति की हो जिसको पहचान भेदभाव से विमुख करे सबका सम्मान… Read More
सत्य के रक्षक अधर्म समापक दुष्ट विनाशी धर्म स्थापक हैं सुदामा सखा सुभद्रा पूर्वज देवकीनंदन वसुदेवात्मज वो पार्थसारथी गोप गोपीश्वर अजेय अजन्मा श्रीहरि दामोदर प्रेम के पर्याय परंतु वितृष्ण वो राधावल्लभ हैं वही श्री कृष्ण +60
दूर करने को सभी विपदा कहीं से आ जाएं खो चुकी जो धरा सम्पदा देने कहीं से आ जाएं साध कर जियें अपना जीवन जिसकी तरह सभी जग को तारने वाले वो कृष्णा कहीं से आ जाएं, चेतना में आज… Read More
हे कृष्ण, आपके जन्मते ही, जेल के ताले खुल गये, आप को जहां पहुँचना था आप पहुंच गये, पूतना बध,कालिया मर्दन व कंस शमन आपने बखूबी किया, तत्कालीन समाज को भय मुक्त किया, आज भी लोग जेल तोड़ते हैं, या… Read More
नौ अगस्त उन्नीस सौ पच्चीस, काकोरी रेलवे स्टेशन, जैसे ही चली सहारनपुर पैसेंजर, हुई चेनपुलिंग, रुकते ही ट्रेन गार्ड को क्रांतिकारियों ने लिया कब्जे में, लूटना था सरकारी खजाना, हड़बड़ी में निरुद्देश्य चल गयी माउज़र, मरा एक रेल पैसेंजर, लोग… Read More
तुझसे मेरा दूर रहना, तेरे बगैर हमारा जीना, तुझसे कभी ना रूठना, तेरी यादों को समेटे रखना, यही इश्क़ की परिभाषा है। तेरे लिए आहें भरना, तुझे हर पल याद करना, तुझसे शिकायत ना करना, तेरी नफ़रत कुबूल करना, यही… Read More
फूलों की सुगंध से, सुगन्धित हो जीवन तुम्हारा। तारों की तरह चमके, जीवन तुम्हारा। उम्र हो सूरज जैसी, जिसे याद रखे दुनियाँ सारा। आप महफ़िल सजाएं ऐसी, की हम सब आये दुबारा।। आपके जीवन में हजारों बार, मौके आये इस… Read More
लगे हैं वनों की रक्षा में जो जमीन उनकी छीनी जा रही है। वनवासी वो जगसेवक हैं वो नींद उनकी छीनी जा रही है।। वो भी तो लगे हैं नित पर्यावरण की सुरक्षा संरक्षा में ही, प्राणवायु को को बचाने… Read More