happy world tribal day

लगे हैं वनों की रक्षा में जो जमीन उनकी छीनी जा रही है।
वनवासी वो जगसेवक हैं वो नींद उनकी छीनी जा रही है।।

वो भी तो लगे हैं नित पर्यावरण की सुरक्षा संरक्षा में ही,
प्राणवायु को को बचाने और आवाम के जीवन की अभिरक्षा में ही।
पूंजीपतियों को खुश करने हेतु अस्मत वनवासियों की लूटी जा रही है
वनवासी वो जगसेवक हैं वो नींद उनकी छीनी जा रही है।
लगे हैं वनों की रक्षा में जो जमीन उनकी छीनी जा रही है।।

वो भी तो इंसान हैं उनके भी तो अधिकार है जीने के,
प्रकृति पर कुर्बान है कतरा कतरा उनके लहू के उनके पसीने के।
फिर भी गुंडों सियासत के द्वारा गरिमा उनकी बेची जा रही है।
वनवासी वो जगसेवक हैं वो नींद उनकी छीनी जा रही है।
लगे हैं वनों की रक्षा में जो जमीन उनकी छीनी जा रही है।।

क्या गलत किया पेड़ पौधों वनस्पतियों को उन्होंने अपनाया तो,
जंगलों ,नदियों, प्राकृतिक संसाधनों को जान देकर भी बचाया तो।
आदिवासी , जंगली होकर भी वो इंसानियत की मिसाल बन पाया तो,
आम अवाम को प्रकृति से अटूट प्रेम करना उसने सिखाया तो।
ये चन्द मुट्ठीभर रक्त पिपांशुओ के लिए गैरत उनकी बेची जा रही है।
वनवासी वो जग सेवक हैं वो नींद उनकी छीनी जा रही है।
लगे हैं वनों की रक्षा में जो जमीन उनकी छीनी जा रही है।।

#विश्व आदिवासी दिवस की शुभकामनाएँ

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