beautiful

कविता : सुंदरता की…

नही होती सुंदरता किसी के भी शरीर में। ये बस भ्रम है अपने-अपने मन का। यदि होता शरीर सुंदर तो कृष्ण तो साँवले थे। पर फिर भी सभी की आँखों के तारे थे।। क्योंकि सुंदरता होती है उसके कर्म और… Read More

budhapa

कविता : बुढ़ापा

न जीता हूँ न मरता हूँ न ही कोई काम का हूँ। बोझ बन कर उनके घर में पड़ा रहता हूँ। हर आते जाते पर नजर थोड़ी रखता हूँ। पर कह नही सकता कुछ भी घरवालों को। और अपनी बेबसी… Read More

atal bihari vajpayee

कविता : वो एक अटल बिहारी था

भारत माँ की गोद में जन्मा, वो दिव्य पुरुष, अवतारी था। राष्ट्रवाद का झंडा थामे, वो एक अटल बिहारी था। क्या कहूँ, क्या लिखूँ, मैं उस पर, वो खुद किताब सा जीवन था। शब्दों में उसको क्या बोलूँ, जो खुद… Read More

desh ka bura haal

कविता : देश का बुरा हाल

लूटकर अपना सब कुछ अभी तक तो जिंदा है। रहमो कर्मों पर उसके अभी तक जी रहे है। किसी और की करनी का फल पूरा विश्व भोग रहा है। और फिर भी शर्म उन्हें बिल्कुल भी नहीं आ रहा।। कितना… Read More

swadesh prem

कविता : स्वदेश प्रेम

ना पूछो कितने जुल्म सहे आज़ादी के उन मतवालों ने देश के लिए दे दी प्राणाहुति क्रांति की आग जलाने वालों ने दंभ किया चूर दुश्मनों का हुई ख़त्म गुलामी की रात वीरों का संघर्ष हुआ सफल तब आया स्वतंत्र… Read More

aazadi ka din

कविता : दिन आजादी का आया है

दिन आजादी का आया है दिन आजादी का आया है, आओ इसका गुणगान करें। जो बलिदानों से मिला हमें, न्योछावर उस पर जान करें।। अब नहीं बेड़ियां पांवों में, है पराधीनता की अपने। अपनी आँखों को ये हक है, अब… Read More

poem aaj uska hi bolbala hai

कविता : आज उसका ही बोलबाला है

आज उसका ही बोलबाला है जो सर से पाँव तक घोटाला है उसके घर रोज ही दिवाली है अपने घर रोज ही दिवाला है अपनी संसद है बगुले भक्तों की तन उजला है जिगर काला है सुना है मुल्क के… Read More

poem indian army

कविता : भारत माँ के लाल

मिलें अपनो का प्यार हमको, तो सफलता चूमेंगी कदम। रहे सभी का अगर साथ, तो जीत जाएंगे हर जंग। और मिल जाएगा हमको, खोया हुआ आत्म सम्मान। इसलिए हिल मिलकर, रहो देशवासियो सब।। तुम्हें कसम भारत मां की, दिखाओ अपना… Read More

sare jahan se achchha

कविता : सारे जहाँ से अच्छा हिंदुस्तान हमारा

हर देश से ऊँची शान जिसकी ऐसा देश हमारा, सारे जहाँ से अच्छा हिंदुस्तान हमारा।। हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई रहते है प्रेम से यहाँ, बैर नही कोई आपस में ऐसा है वतन हमारा।। भेद नही रखता कोई अमीर हो या… Read More

shaheedon ko naman

कविता : शहीदों को नमन

बहुत ख़ुशी है आज हम सब को। मना जो रहे हैं स्वंत्रता दिवस को। पर मिली कैसे हमे ये आज़ादी। जरा डालो नजर तुम इतिहास पर।। न जाने कितनी मांओ की गोदे उजड़ गई। न जाने कितनी माँगे बहिनों की… Read More