नही होती सुंदरता किसी के भी शरीर में। ये बस भ्रम है अपने-अपने मन का। यदि होता शरीर सुंदर तो कृष्ण तो साँवले थे। पर फिर भी सभी की आँखों के तारे थे।। क्योंकि सुंदरता होती है उसके कर्म और… Read More
नही होती सुंदरता किसी के भी शरीर में। ये बस भ्रम है अपने-अपने मन का। यदि होता शरीर सुंदर तो कृष्ण तो साँवले थे। पर फिर भी सभी की आँखों के तारे थे।। क्योंकि सुंदरता होती है उसके कर्म और… Read More
न जीता हूँ न मरता हूँ न ही कोई काम का हूँ। बोझ बन कर उनके घर में पड़ा रहता हूँ। हर आते जाते पर नजर थोड़ी रखता हूँ। पर कह नही सकता कुछ भी घरवालों को। और अपनी बेबसी… Read More
भारत माँ की गोद में जन्मा, वो दिव्य पुरुष, अवतारी था। राष्ट्रवाद का झंडा थामे, वो एक अटल बिहारी था। क्या कहूँ, क्या लिखूँ, मैं उस पर, वो खुद किताब सा जीवन था। शब्दों में उसको क्या बोलूँ, जो खुद… Read More
लूटकर अपना सब कुछ अभी तक तो जिंदा है। रहमो कर्मों पर उसके अभी तक जी रहे है। किसी और की करनी का फल पूरा विश्व भोग रहा है। और फिर भी शर्म उन्हें बिल्कुल भी नहीं आ रहा।। कितना… Read More
ना पूछो कितने जुल्म सहे आज़ादी के उन मतवालों ने देश के लिए दे दी प्राणाहुति क्रांति की आग जलाने वालों ने दंभ किया चूर दुश्मनों का हुई ख़त्म गुलामी की रात वीरों का संघर्ष हुआ सफल तब आया स्वतंत्र… Read More
दिन आजादी का आया है दिन आजादी का आया है, आओ इसका गुणगान करें। जो बलिदानों से मिला हमें, न्योछावर उस पर जान करें।। अब नहीं बेड़ियां पांवों में, है पराधीनता की अपने। अपनी आँखों को ये हक है, अब… Read More
आज उसका ही बोलबाला है जो सर से पाँव तक घोटाला है उसके घर रोज ही दिवाली है अपने घर रोज ही दिवाला है अपनी संसद है बगुले भक्तों की तन उजला है जिगर काला है सुना है मुल्क के… Read More
मिलें अपनो का प्यार हमको, तो सफलता चूमेंगी कदम। रहे सभी का अगर साथ, तो जीत जाएंगे हर जंग। और मिल जाएगा हमको, खोया हुआ आत्म सम्मान। इसलिए हिल मिलकर, रहो देशवासियो सब।। तुम्हें कसम भारत मां की, दिखाओ अपना… Read More
हर देश से ऊँची शान जिसकी ऐसा देश हमारा, सारे जहाँ से अच्छा हिंदुस्तान हमारा।। हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई रहते है प्रेम से यहाँ, बैर नही कोई आपस में ऐसा है वतन हमारा।। भेद नही रखता कोई अमीर हो या… Read More
बहुत ख़ुशी है आज हम सब को। मना जो रहे हैं स्वंत्रता दिवस को। पर मिली कैसे हमे ये आज़ादी। जरा डालो नजर तुम इतिहास पर।। न जाने कितनी मांओ की गोदे उजड़ गई। न जाने कितनी माँगे बहिनों की… Read More