न हम हिन्दू न हम मुस्लिम और न सिख ईसाई है। हिंदुस्तान में जन्म लिया है तो सबसे पहले हम हिंदुस्तानी है। आज़ादी की जंग में इन सब ने जान गवाई थी। तब जाकर हमको ये आज़ादी मिल पाई थी।।… Read More
न हम हिन्दू न हम मुस्लिम और न सिख ईसाई है। हिंदुस्तान में जन्म लिया है तो सबसे पहले हम हिंदुस्तानी है। आज़ादी की जंग में इन सब ने जान गवाई थी। तब जाकर हमको ये आज़ादी मिल पाई थी।।… Read More
ना पूछो कितने जुल्म सहे आज़ादी के उन मतवालों ने देश के लिए दे दी प्राणाहुति क्रांति की आग जलाने वालों ने दंभ किया चूर दुश्मनों का हुई ख़त्म गुलामी की रात वीरों का संघर्ष हुआ सफल तब आया स्वतंत्र… Read More
दिन आजादी का आया है दिन आजादी का आया है, आओ इसका गुणगान करें। जो बलिदानों से मिला हमें, न्योछावर उस पर जान करें।। अब नहीं बेड़ियां पांवों में, है पराधीनता की अपने। अपनी आँखों को ये हक है, अब… Read More
आज उसका ही बोलबाला है जो सर से पाँव तक घोटाला है उसके घर रोज ही दिवाली है अपने घर रोज ही दिवाला है अपनी संसद है बगुले भक्तों की तन उजला है जिगर काला है सुना है मुल्क के… Read More
मिलें अपनो का प्यार हमको, तो सफलता चूमेंगी कदम। रहे सभी का अगर साथ, तो जीत जाएंगे हर जंग। और मिल जाएगा हमको, खोया हुआ आत्म सम्मान। इसलिए हिल मिलकर, रहो देशवासियो सब।। तुम्हें कसम भारत मां की, दिखाओ अपना… Read More
है प्यारा बहुत देश हमारा हिंदुस्तान। है संस्कृति इसकी सबसे निराली । कितनी जाति धर्म के, लोग रहते यहाँ पर। सब को स्वतंत्रता के अनुसार।। कितना प्यारा देश है हमारा हिंदुस्तान। इसकी रक्षा करनी है आगे तुम सबको।। कितने बलिदानों… Read More
हर देश से ऊँची शान जिसकी ऐसा देश हमारा, सारे जहाँ से अच्छा हिंदुस्तान हमारा।। हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई रहते है प्रेम से यहाँ, बैर नही कोई आपस में ऐसा है वतन हमारा।। भेद नही रखता कोई अमीर हो या… Read More
चाहत की इस दुनिया में, केवल व्यापार मिले मुझको चाहा जिसे फूलों की तरह, उससे ही खार मिले मुझको कैसे जिया और कैसे मरा हूँ, किसी को कोई गरज़ नहीं, दिल में घुस के आघात करें, कुछ ऐसे यार मिले… Read More
नही भूल पाया हूँ मैं जिन्होंने दगा दिया था। मेरी हंसती जिंदगी में जहर जिन्होंने घोला था। कहर बन कर उन पर भी टूटेगा मेरे हाय का साया। और तड़पेगें वो भी जैसे मैं तड़प रहा।। जिंदगी का है उसूल… Read More
द्वितीय विश्वयुद्ध में हमारे समर्थन के बदले अंग्रेजों ने आज़ादी देने का वादा किया था। लेकिन ऐसा हुआ नहीं, गोरों ने वादाखिलाफ़ी की, हम छले गए, धोखा मिला हमें,आज़ादी नहीं। आक्रोश ने आंदोलन का रूप ले लिया । अब दौर… Read More