जब मिले माता के दर्शन जब मिले प्रभुके दर्शन। देखकर गुरु प्रभु को हो जाता भक्त धन्य।।..२ ज़िंदगी की दास्तां, चाहे कितनी हो हंसीं बिन मां के कुछ नहीं, बिन प्रभुके कुछ नहीं।। क्या मज़ा आता गुरुवर, आज भूले से… Read More
जब मिले माता के दर्शन जब मिले प्रभुके दर्शन। देखकर गुरु प्रभु को हो जाता भक्त धन्य।।..२ ज़िंदगी की दास्तां, चाहे कितनी हो हंसीं बिन मां के कुछ नहीं, बिन प्रभुके कुछ नहीं।। क्या मज़ा आता गुरुवर, आज भूले से… Read More
दर्द पराया जो अपनाए , भारत भूमि वासी हैं । ‘परहित सबके काम वो आए’ , भारत जन अभिलाषी हैं । मैं और मेरी खुशियां स्वर्णिम , गर्व फूली न समाती है । जन्म लिया भारत में मैंने , जिसकी… Read More
करे जो पूजा और भक्ति नवरात्रि के दिनों में। और करते है माता की साधना और उपासना। तो मिलता है उन्हें सूकून अपने जीवन में। और हो जाती पूरी उनकी इच्छाएं इन दिनों में।। माता के नौ रूपों को जो… Read More
मन मंदिर में आन विराजो मेंहर वाली मातारानी। दर्शन की अभिलाषा लेकर आ गये हम मेंहर में। तुमको अपने दर्शन देने बुला लो हमें मंदिर में। हम तो तेरे बच्चे है काहे घूमा रही हो दुनिया में।। कितने वर्षो से… Read More
पितृ दिवस चल रहे है तो करो एक नेक काम। लेकर अपने पूर्वजो के नाम गोद ले लो एक गौ माता को। और दे दो उस एक अभय दान सफल हो जायेंगे ये पितृ दिवस। और तभी मिल जायेगी उनकी… Read More
दिल्ली का पुस्तक मेला समाप्त हो चुका था ,धर्मराज युधिष्ठिर हस्तिनापुर के अलावा इंद्रप्रस्थ के भी सम्राट थे ।अचानक यक्ष प्रकट हुए ,उन्होंने सोचा कि चलकर देखा जाये कि धर्मराज अभी भी वैसे हैं या बदल गए जैसे कि मेरे… Read More
न मन पढ़ने में लगता है न दिल लिखने को कहता है। मगर विचारो में सदा ये उलझा सा रहता है। करू तो क्या करू अब मैं समझ में कुछ नहीं आ रहा। इसलिए तो हमारा दिल अब एकाकी सा… Read More
इंतजार बस इंतजार , राम का ही बस इंतजार । बढ़ रहा है ,बढ़ रहा है, हर ओर रावण अत्याचार। सह रहे हैं, सह रहे हैं, मुंह से कुछ ना कह रहे हैं । घाव जो फोड़े बने हैं ,… Read More
दिल में प्यार तुम्हारा है ,भारत को तू प्यारा है । झंडा ऊँचा हमारा है ,जग में सबसे ही न्यारा है ।। तीन रंग लिए फहरा करता , आंधी तूफां से नहीँ डरता । समय का पहिया आगे बढ़ता ,… Read More
क्यों करता हूं कागज काले …?? बैठा एक दिन सोच कर यूं ही , शब्दों को बस पकड़े और उछाले । आसमान यह कितना विस्तृत ..? क्या इस पर लिख पाऊंगा ? जर्रा हूं मैं इस माटी का, माटी में… Read More