गुरु पद, गोविंद से बड़ा, गोविंद गुरु अनेक। गर गुमान/गुरुर गुरु से अलग, गोविंद ऊपर पेठ। बने मनुष जो मनुष मन, अहं, काम क्या काम। मृत्युलोक तब स्वर्ग सम, *अजस्र* पुरुषार्थी राम। +460
गुरु पद, गोविंद से बड़ा, गोविंद गुरु अनेक। गर गुमान/गुरुर गुरु से अलग, गोविंद ऊपर पेठ। बने मनुष जो मनुष मन, अहं, काम क्या काम। मृत्युलोक तब स्वर्ग सम, *अजस्र* पुरुषार्थी राम। +460
बना है मौसम कुछ ऐसा की दिल खिल उठा है। नजरा देखो बाग का कैसे फूल खिल रहे है। जिन्हें देख कर हमारी मोहब्बत मचल उठी है। और उनकी यादों में खोकर तड़पने हम जो लगे है।। बनाया था इसी… Read More
क्यों हिंदी हिंदी करते हो, हिंदी का दम क्यों भरते हो, है तो बस एक भाषा ही, क्यों घमंड इसका करते हो। अस्तित्व है ये सिर्फ़ भाषा नही, प्रगति की है अब आशा यही, है जन जन को ये जोड़ती,… Read More
हिन्दी सीखे और सिखाएं, हो हिन्दी प्रसार । राजभाषा से राष्ट्रभाषा तक, हो हिन्दी विस्तार । हिन्दी सज्जित हो विश्व गुलिस्ता, शीघ्र ही जगत- जुबान । आओ ! अजस्र हम सहर्ष करे, अपनी हिन्दी से प्यार । हिन्दी सी कोई… Read More
सत्य एक, बीती दो रात है ये दो चांदनी, फिर कहे कोई बात है रूको नहीं, झुकों नहीं दिन भी है, फिर रात है। दिशा प्रशस्त हो चुकी कदम – कदम पे कलम धार है जो रूके नहीं चलते चले… Read More
मेरे मुस्कराने का तुझे भला क्यों इंतजार है। तेरे आँखो में क्या मेरे लिए प्यार है। तभी तो तुम मुझे हमेशा खोजते हो। पर अपने दिलकी बातें क्यों कह नहीं रहे हो।। तेरे मुस्कराने का मुझे सदा एहसास होता है।… Read More
पृथ्वी ने भेजी है राखी, चंदा तक पहुंचाने को। विक्रम-प्रज्ञान हैं बने संवदिया, भाई-राखी बंधवाने को । राखी में भरकर है भेजा, आठ-अरब का प्यारा- प्यार । इसरो ने उसको पहुँचाया , सोलह-बरस ,मेहनत का सार । भारत संग जहान… Read More
शिक्षक होना आसान नहीं है, चरित्र होता निर्माण यहीं है, कांटों को भी फूल बना दे, मेहनत है वरदान नहीं है। अनुशासन में सीमित रहकर, बातें कुछ आंखों से कहकर, प्रेरणा का स्रोत है बनते, स्वयं की इच्छा को ना… Read More
कितना पवन दिन आया है। सबके मन को बहुत भाया है। कंस का अंत करने वाले ने। आज जन्म जो लिया है।। काली अंधेरी रात में नारायण। लेते देवकी की कोक से जन्म। इसी प्यारे बालक को कहते कान्हा कन्हैया… Read More
अ से अनार , का फल है ताजा । आ से आम , फलों में राजा । इ से इमली , वो खट्टी-खट्टी । ई से ई ईख , वो उतनी ही मीठी । उ से उल्लू , रात को… Read More