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हॉलीवुड की तुलना में भारत में साहित्य का फिल्मांतरण इतना कम क्योँ ?

यह बात अक्सर मुझे तंग करती रही है कि भारत में और विशेष रूप से मुख्यधारा के हिन्दी सिनेमा में साहित्य पर बनने वाली फिल्मों की संख्या इतनी कम क्यों है। वैसे तो यह संख्या हमेशा ही बहुत कम रही… Read More

लघु कहानी : दहेज़ का असर

खिड़की से एक टक बाहर देखती या बैचैनी से इधर-उधर चहलकदमी करती एक नई नवेली दुल्हन मानो आज उस पर तूफान आया हुआ है। आज उसे हर रिश्ता फीका लग रहा हो। इसी उधेड़बुन में थी कि अब क्या होगा।… Read More

कविता : मैं नारी हूँ

मैं नारी हूँ और  मैं शापित हूँ नरों की कुंठा  झेलने के लिए और इस बेढंगे समाज में रोज़ नई प्रताड़नाओं से मिलने के लिए मैं कैसे तोड़ पाऊँगी इन सभी वर्जनाओं को जो इतिहास ने खड़े कर रखे हैं मेरे… Read More

अब जम्मू-कश्मीर में भी तिरंगा

कभी स्वतंत्र रियासत होने वाला जम्मू-कश्मीर के महाराजा हरिसिंह ने 2 अक्तूबर 1947 में भारत के साथ विलय-पत्र पर हस्ताक्षर किए। इसके साथ भारतीय संविधान में अनुच्छेद 370 जुड़ गया। यह अनुच्छेद जम्मू-कश्मीर को विशेष अधिकार प्रदान करता है। जिसने… Read More

युवा पहचान : मिलिए मुजफ्फरपुर के युवा इवैंट ऑर्गनाईजर ‘सैयद अली रिजवी’ से

मेरा नाम सैयद मोहम्मद जावेद रिजवी (अली) है।  मैं एक इवैंट मैनेजर हूँ।  मैं  मुजफ्फरपुर बिहार के मिडिल क्लास फैमिली से हूँ।  मेरे पिता सैयद ताहिर हुसैन ओसवाल कंपनी में जॉब करते थे। फिलहाल वो घर पर ही रहते हैं।… Read More

फ्रेंडशिप डे पर विशेष : दोस्त हमारे जान से प्यारे

मित्रता एक बहुमूल्य रत्न है क्योंकि अन्य सारे रिश्ते-नाते तय करने में हमारा कोई योगदान नहीं होता, माँ, पिता, भाई, बहन आदि रिश्ते जन्म से ही दाय में मिलते हैं। यहां तक कि पति पत्नी का रिश्ता भी तय करने… Read More

भोजपुरी के गीतकार मोती बी.ए. की जन्मशताब्दी पर विशेष

आखर और मैथिली-भोजपुरी अकादमी के संयुक्त तत्वावधान में भोजपुरी के गीतकार मोती बी.ए. की जन्मशताब्दी के अवसर पर ‘हिंदी सिनेमा के विकास में लोकसंगीत और लोकभाषा के प्रभाव (विशेष संदर्भ : भोजपुरी) विषयक आज हिंदी भवन में एक व्याख्यान का… Read More

व्यंग्य : ऊंची नाक का सवाल

इस दौर में जब देश में बाढ़ का प्रकोप है तो नाक से सांस लेने वाले प्राणियों में नाक एक लक्ष्मण रेखा बन गयी है, पानी अगर नाक तक ना पहुंचा तो मनुष्य के जीवित रहने की संभावना कुछ दिनों… Read More

कविता : भारत माता

भारत माता तेरा स्वर्णिम इतिहास देता हमें गौरवानुभव का अहसास         तेरी गोद से अनेक वीरों ने जन्म है लिया         प्राणों का दे बलिदान नाम ऊँचा तेरा किया विद्वानों की तू पृष्ठभूमि कृषि से होता तेरा श्रृंगार        जाती… Read More

कविता : कोई औरत जब…

कोई औरत जब  किसी मर्द को  सौंपती है अपना शरीर, वो सिर्फ शरीर नहीं होता, वो उसकी वासना भी नहीं होती, वो प्रकृति की आदिम भूख नहीं होती वो औरत बाजारु हो जरुरी भी नहीं           औरत तलाशती है संरक्षण,… Read More