व्यंग्य : वर्क फ्रॉम होम

आये दिन अख़बारों में इश्तहार आते रहते हैं कि घर से काम करो ,घण्टों के हिसाब से कमाओ,डॉलर,पौंड में भुगतान प्राप्त करो।जिसे देखो फेसबुक,व्हाट्सअप पर भुगतान का स्क्रीनशॉट डाल रहा है कि इतना कमाया,उतना माल अंदर किया ।महीने भर की… Read More

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मूवी रिव्यू : मोगली

आदिवासियत को महसूस करना है तो इस फ़िल्म को देखिए… इस जंगल की निगाहों में देखी हर शुरुआत है मैंने । देखा हर अंजाम । कहाँ है मेरा नाम । एक दिन इंसान जंगल में आया और जंगल ने अपनी… Read More

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मूवी रिव्यू : हर

फिल्म ” Her ” बहुत महान या असाधारण नही है। पर फिल्म का प्लॉट एक ऐसी दुनिया का है जहाँ समाज में प्यार की इतनी कमी है कि लोग ऑपरेटिंग सिस्टम, यानि की कंप्यूटर के एक प्रोग्राम से प्यार करने… Read More

कविता : होली का रंग

तुम्हें कैसे रंग लगाए, और कैसे होली मनाए? दिल कहता है होली, एकदूजे के दिलों में खेलो। क्योंकि बहार का रंग तो, पानी से धूल जाता है। पर दिल का रंग दिल पर, सदा के लिए चढ़ा जाता है।। प्रेम… Read More

कविता : होली का त्यौहार

आओ हम सब, मिलकर मनाएं होली। अपनों को स्नेहप्यार का,  रंग लगाये हम। चारो ओर होली का रंग,  और अपने संग है। तो क्यों न एकदूजे को, रंग लगाए हम। आओ मिलकर मनाये, रंगो की होली हम।। राधा का रंग… Read More

कविता : क्यूंकि मैं सत्य हूँ

*क्योंकि मैं सत्य हूं* मैं कल भी अकेला था आज भी अकेला हूं और संघर्ष पथ पर हमेशा अकेला ही रहूंगा मैं किसी धर्म का नहीं  मैं किसी दल का नहीं सम्मुख आने से मेरे भयभीत होते सभी जानते हैं… Read More

कविता : दिल तेरा है तो

तेरी तस्वीर को,  सीने से लगा रखा है। और तुझे अपने, दिल में बसा रखा है। इसलिए तो आंखे, देखने को तरसती है।। दिल तेरा है, पर हक तो मेरा है। क्योंकि तुमने मुझे, अपना दिल जो दिया है। मेरा… Read More

पुस्तक समीक्षा : पुरुष तन में फँसा मेरा नारी मन

“आत्मा की अधूरी प्यास है” – पुरुष तन में फँसा मेरा नारी मन प्रत्येक भगवान और देवी का हिंदू धर्म में गहरा महत्व है जो प्राचीन शास्त्रों में परिलक्षित होता है।  हाल के दिनों में, हिंदुओं के लिए, देवी लक्ष्मी… Read More

कविता : हे स्त्री!

जन्मी तो अलग तरह से सूचना दी गई ताकि सब जान सकें कि घर में आ गई है कुलच्छिनी मातम मना घर भर में पूरे पाँच साल दोयम दर्जे के स्कूल जाती रही बड़ी होकर समझदार हुई तो इसी में… Read More

कविता : नारी को सम्मान दो

मान मिले सम्मान मिले,  नारी को उच्च स्थान मिले। जितनी सेवा भक्ति वो करती। उस से ज्यादा सम्मान मिले। यही भावना हम भाते, की उसको यथा स्थान मिले।। कितना कुछ वो,  दिनरात करती है। घर बाहर का भी देखा करती… Read More