सबसे पहले हम यह समझने की कोशिश करेंगे कि नेपोटिज़्म शब्द की उत्पत्ति कहाँ से हुई और कैसे? नेपोटिज़्म शब्द एक इटालियन शब्द Nepotismo एवं लैटिन भाषा Nepos से लिया गया है। जिसका अर्थ होता है नेफ्यू यानी भतीजा। 17… Read More
सबसे पहले हम यह समझने की कोशिश करेंगे कि नेपोटिज़्म शब्द की उत्पत्ति कहाँ से हुई और कैसे? नेपोटिज़्म शब्द एक इटालियन शब्द Nepotismo एवं लैटिन भाषा Nepos से लिया गया है। जिसका अर्थ होता है नेफ्यू यानी भतीजा। 17… Read More
ज़िन्दगी की उलझनों से, हम मजबूर हो गए ! अब हर किसी की नज़र से, हम बेनूर हो गए ! कभी सोचा था कि चलना ही ज़िन्दगी है यारा , मगर सफर के हालात से, हम मजबूर हो गए !… Read More
नियत में खोट हो तो, मोहब्बत रंग कैसे लाएगी। तमंनये दिल की, दफन दिलमें हो जाएगी। मोहब्बत का कोई, जाति धर्म नहीं होता। ये तो वो आग है जो, पहले आंखों से लगता।। दिलो में प्रेम भाव, जो इंसान रखता… Read More
खेल खेलो ऐसा की किसी को समझ न आये। लूट जाये सब कुछ कोई समझ न पाए। कर्ताधर्ता कोई और है पर दाग और पर लग जाये। और मकरो का रास्ता आगे साफ हो जाये।। देश का परिदृश्य अब बदल… Read More
वो देखती है सपने, रात रात भर जाग के, चाँद तारों को आसमां में निहारते, वो देखती है सपने । वो देखती है सपने, अपने पिया से मिलन के, अपने विह्वल मन को समझाते, वो देखती है सपने । वो… Read More
सन् निन्यानवे था थी वो माह जुलाई शत्रु से हमारी पुनः छिड़ी हुई थी लड़ाई मार रहे थे शत्रुओं को हमारे वीर महान् राष्ट्र की रक्षा हेतु दे रहे थे बलिदान दिन सोमवार था वो तिथि छब्बीस जुलाई कारगिल पर… Read More
हंसनेवालों को हंसने दो यह नयी बात तो नहीं अपने रास्ते पर चलनेवालों को मैं फिसलता हूँ, गिरता हूँ लड़खड़ाता हूँ तो क्या विचारों की दुनिया में एक स्वतंत्रता है, अंतर्वस्तु है मेरी सामाजिक चिंतन में समर्पित हूँ अपना कुछ… Read More
ज़माना “हम सब ज़माने की शर्तों पर चल रहे है, जैसे पान में कत्थे के संग चुना मल रहे है, वक़्त बदला नही है किसी का अभी तक, लेकिन हम सब वक़्त के साथ बदल रहे है।” लेखन “अभी लेखन… Read More
मोहब्बत का एक संदेश, तुम्हे हम भेज रहे है। लगाकर दिलसे तुम इसे, रख लेना अपने पास। फिर भी याद आये तो, बुला लेना दिलसे तुम। मैं आ जाऊंगा तुम्हारे पास, बुलाना सच्चे मनसे तुम।। बहुत गहरी होती है, मोहब्बत… Read More
ओढ़कर प्यार की चुनरिया, चांदनी रात में निकलती हो। तो देखकर चांद भी थोड़ा, मुस्कराता और शर्माता है। और हाले दिल तुम्हारा, पूछने को पास आता है। हंसकर तुम क्या कह देती हो, की रात ढलते लौट जाता है।। चांदनी… Read More