राम मनोहर लोहिया पुण्यतिथि विशेष

23 मार्च 1910 को उत्तरप्रदेश के फैजाबाद के अकबरपुर में जन्में। सात सूत्रों के जनक डॉक्टर राम मनोहर लोहिया की आज 53 वीं पुण्यतिथि है। 12 अक्टूबर 1966 में इन्होंने दिल्ली के विलिंग्डन अस्पताल जो वर्तमान में राम मनोहर लोहिया… Read More

नए भारत का दर्पण – भारतीय रेल

16 अप्रैल 1853 में भारत की भूमि पर रेल का आगाज हुआ । आज से लगभग डेढ़ सौ साल पहले अंग्रेजों द्वारा ही सही भारत के विकास के लिए रथ तैयार किया गया । क्या पता था यही रेलवे भारत… Read More

हे गांधी इन अज्ञानियों को क्षमा करना !

जो लोग नहीं जानते वह लोग अब से जान लें कि गांधी को महात्मा की उपाधि रवींद्रनाथ टैगोर ने दिया था। जब कि गांधी को राष्ट्रपिता नेता जी सुभाष चंद्र बोस ने कहा था। और समूचे देश ने एक स्वर… Read More

वर्तमान राष्ट्रीय समस्याएँ और गांधी

पूरा विश्व आज गांधी की 150वीं जयंती मना रहा है। देश विदेश में विभिन्न प्रकार के सांस्कृतिक आयोजन होंगे। सरकारी कर्मचारियों में और अधिक ख़ुशी का माहौल होगा। अनेक सर्वेक्षण बताते हैं कि देश की 70 प्रतिशत आबादी गांधी जी… Read More

‍महामानव‍‍ का आवाहन

इसी भारत भू पर कभी अवतरण हुआ था एक ऐसे व्यक्ति का जो स्वभाव से संत था और कर्म से सैनिक एक ऐसा संत ! जिसके हृदय में प्रेम का सागर था दिल में छलकता दया का गागर था जिसके… Read More

जनसंख्या वृद्धि व जल संकट

आज से लगभग चार सौ वर्ष पूर्व रहीम जी ने एक दोहा रचा था, जो कि इस प्रकार है — रहिमन पानी राखिए; बिन पानी सब सून। पानी गए ना उबरे; मोती, मानस, चून। रहीम जी की रचना यह प्रतिपादित… Read More

सफलता की उड़ान : डॉ. सिवन

अगर आपके अंदर प्रतिभा है। तो फिर आप जरूर ही सफल होंगे। फिर चाहे परिस्थितियां कितनी ही विपरीत क्यों ना हो। वह आपको सफलता की उड़ान भरने से कभी नहीं रोक सकती। और आज की पोस्ट एक ऐसे ही इंसान… Read More

‘जिउतिया’

भोरे भोरे माई पीठ थपथपा के कहली। ए बाबू उठ हो सरगहि के बेरा हो गईल बा। हम चिहा के उठनी त थरिया में दही चिउरा रखल रहे। माई कहली ल परसादी खा लअ। हम कहनी रुकअ दतुवन क के… Read More

सोनाक्षी सिन्हा ही क्यों ?

यू ट्यूब पर जाइए हजारों वीडियो मिल जाएंगे जहां लोग वैलेनटाईन डे का इतिहास बता दे रहे हैं मगर उन्हें 26 जनवरी गणतंत्रत दिवस और 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस में फर्क नहीं पता। यहां तक कि ये भी नहीं पता… Read More

कर्म-सिद्धान्त की पृष्ठभूमि

बृहदारण्यक उपनिषद् के अनुसार पुरुष जैसा आचरण करता है वैसा ही होता है। सदाचारी या पापी की व्यवस्था सदाचार एवं पापाचार के अधीन है। पुण्य-कर्म से पुण्य एवं पाप कर्म से पाप कहा जाता है।  जो कर्म करता है वही… Read More