लगता है हमारा आपका साथ बस यही तक था। आप अपने आप को बहुत व्यस्त समझते हो। और सामने वाले को अपने से कम आंकते हो। जबकि सामने वाला व्यस्त होकर भी दोस्तो से मिलता है। हमारी और तुम्हारी सोच… Read More
लगता है हमारा आपका साथ बस यही तक था। आप अपने आप को बहुत व्यस्त समझते हो। और सामने वाले को अपने से कम आंकते हो। जबकि सामने वाला व्यस्त होकर भी दोस्तो से मिलता है। हमारी और तुम्हारी सोच… Read More
हम तो राह के राहगीर है जो आते जाते मिल जाते है। और बातों ही बातों में अपनी कहानी सुना देते है। तब कही मोहब्बत के दीप जल जाते है। तो किसी के जीवन में अँधेरा छा जाता है।। इसी… Read More
दिलके आंगन में कुछ तो बातें है। जिसमें कभी खुशी तो कभी गम है। इन गमो को दूर करने दोस्त होते है। जो स्नेह प्यार से दुखदर्द हर लेते है।। कुछ तो है तुम्हारी बेचैनी का राज। जो तुम्हारे चेहरे… Read More
लोग अब रिश्तों का, अर्थ भूल गये है। क्या होते है रिश्ते, समझने से क्या फायदा। कितनी आत्मीयता होती थी, भारतीयों के दिलों में। अब तो एक दूसरे से, आंखे मिलाने से डरते है।। कौन किस का क्या है, सोचने… Read More
हवाएं चलती रहती है मंजिल मिलती रहती है। कभी हुई तेज तो लोगों ने उसे आंधी का नाम दे दिया। और हुई जो तबाही इसे तो उसे हवाओं के नाम मड़ दिया। चाहकर भी हवाएं अपनी नरमी नहीं छोड़ती है।… Read More
कहां बरसती है बरसात , भले ही हो बादलों की बारात । सुखी रूई के फाए से , इधर-उधर उड़ते रहते हैं । काम न आए मरहम रखने के भी , जख्म हरे और रिसते रहते है । और तो… Read More
जरा सी दोस्ती कर लो.., जरा सा साथ निभाये। थोड़ा तो साथ दे मेरा …, फिर चाहे अजनबी बन जा। मिलें किसी मोड़ पर यदि, तो उस वक्त पहचान लेना। और दोस्ती को उस वक्त, दिल से निभा देना।। वो… Read More
मान अभिमान के कारण में, उजड़ गए न जाने कितने घर। हँसते खिल खिलाते परिवार, चढ़ गये इसकी भेंट। फिर न मान मिला, न ही सम्मान मिला। पर आ गया अभिमान, जिसके कारण रूठ गये परिवार।। हमें न मान चाहिए,… Read More
सुनों सुनता हूँ तुमको देश की कहानी। जिसमें हैं 29 राज्यों का समावेश। राज्यों कि भी है अपनी अपनी कहानी। कोई विकसित है तो कोई है जंगल। पर सभी का ह्रदय है तो भारत। परंतु एकबात समान है सभी राज्यों… Read More
ज़माने में आये हो तो जीने की कला को सीखो। अगर दुश्मनों से खतरा है तो अपनो पे भी नजर रखना।। दुख के दस्तावेज़ हो या सुख की वसीयत। ध्यान से देखोगें तो नीचे मिलेंगे स्वयं के ही हस्ताक्षर।। बिना… Read More