butterfly

कविता : बाग और फूल

बैठे बैठे बाग में देखा कुछ ऐसा। जैसे सूरज की किरणे धीरे धीरे फैलती है। वैसे ही फूल भी धीरे धीरे खिल उठते। प्रकृति का ये नियम बड़ा रामणी होता है।। फूलो की सुंदरता महक से खिल उठा सारा गुल्स्थान।… Read More

kla bik rahi hai

कविता : कला बिक रही है

दिन रात उजालों में रहने वाले क्या जानेगें अंधेरा क्या होता है। बस खनती पयाल की झंकार और गीतों की पुकार जानते है। चंद पैसों की खातिर ही सही ये कलाकार खुशियां बेचते है। जो अमीरजादो की शाम को हर… Read More

witing girl

कविता : तुम्हारे बिन

इस दफ़ा मैं हूँ तुम्हारे बिन, ये सुबह यू ही बीत गई तुम्हारे बिन। कहीं से कोई परेशान करने नही आया, फिर जाने क्यों खुश नही मैं, तुम्हारे बिन। आज कमबख्त दिन नही कट रहा तुम्हारे बिन, शाम शायद बेरुखी… Read More

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कविता : बस एक ही

बरखा की बूँदों के आगमन के साथ ही जन्मदिन का आना झरते हुए फूलों का डालियों से टूटकर राह में बिछा जाना हवा के खुशबूदार झोंके से भरती है तन में सिहरन नहायी प्रकृति के केश से झरती बूंदों की… Read More

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कविता : दिलकी बातें दिल जाने

मोहब्बत जो करते है वो अंजाम से नहीं डरते। क्योकिं ये पग पग पर हमारा इंतहान लेती है।। क्या दिलमें तेरे उमंगे है दिलको छेड़ने के लिए। क्या दिलमें तेरे तरंगे है दिलरुबा को प्रेमरस के लिए। तभी तो मधुर… Read More

left circle(5)

कविता : ख्यालों की रानी

रातों के ख्यालों में आती है और दिलसे पुकारती है। जो ख्यालों में हमारे रोज आती जाती है। और अपने नये नये रूप हमें दिखती है। सच कहे अगर तुमसे तो हमें भी तुम भाती हो।। मोहब्बत का नशा दोस्तों… Read More

left circle(4)

कविता : मौसम का अंदाज

मौसम का मिजाज अब कुछ ठंडा सा हो रहा है। गर्मी से हम सबको अब निजाद मिल रहा है। पहली बारिस में भीगने का मजा कुछ अलग होता है। गिरती पानी की बुंदो से दिलमें कमल खिल उठते है।। गर्मी… Read More

left circle(3)

कविता : क्यों करता ये…

न मैं मैं हूँ और न तू तू है बस शरीर में एक रूह है। जो उसके द्वारा भेजी हुई एक अजेय आत्मा है। और उसी के हाथो की वो कठ पुतली है। जो उसके इशारो पर चलकर शरीर बदलती… Read More

left circle(2)

कविता : बेटी की विदाई

बेटी की विदाई क्या होती है एक बाप से पूछो । शान ए घर की विदाई क्या होती है एक माँ से पूछो। साथ खड़ी रहने वाली की जुदाई क्या होती है परिवार वालो से पूछो। दादादादी भाईबहिन और दोस्तों… Read More

left circle(2)

कविता : कुछ तो खुशी दो

दूर होकर भी तुम कितने मेरे दिल के करीब हो। तुम मेरे लिए एक दोस्त से कुछ ज्यादा मेरे लिए हो। तो क्या मेरी तमन्ना तुम पूरी नहीं कर सकते। और चाहने वाले को क्या अपना दिल नहीं दिखा सकते।।… Read More