आज फिर प्रकट होओ भगवान आज फिर प्रकट होओ भगवान कृषकों पर आफत की आँधी ग्वालपाल परेशान आज फिर प्रकट होओ भगवान आज फिर प्रकट होओ भगवान जिधर देखिए उधर आजकल चीरहरण होता है कौरव का दल हँसे ठठाकर पाँडव-दल… Read More
आज फिर प्रकट होओ भगवान आज फिर प्रकट होओ भगवान कृषकों पर आफत की आँधी ग्वालपाल परेशान आज फिर प्रकट होओ भगवान आज फिर प्रकट होओ भगवान जिधर देखिए उधर आजकल चीरहरण होता है कौरव का दल हँसे ठठाकर पाँडव-दल… Read More
कितना पावन दिन आया है। सबके मन को बहुत भाया है। कंस का अंत करने वाले ने, आज जन्म जो लिया है। जिसको कहते है, जन्माष्टमी।। काली अंधेरी रात में नारायण लेते। देवकी की कोख से जन्म। जिन्हें प्यार… Read More
चौबीस घन्टे रहता यो तै माटी गेल्या माटी अन्नदाता का हाल देख मेरी छाती जा सै पाटी 1 बिन पाणी बता क्यूंकर करै बिजाई रै नहीं टेम पै मिलते बीज , दवाई रै कदे खाद पै मारा – मारी ,… Read More
मेरे गीतों की सुनकर आवाज़ तुम। दौड़ी चली आती हो मेरे पास। और मेरे अल्फाजो को अपना स्वर देकर। गीत में चार चांद तुम लगा देती हो।। लिखने वाले से ज्यादा गाने वाले का रोल है। चार चांद तब लग… Read More
दिल उदास बैठा है आज तेरे रूठने से, आ पास मेरे तू किसी भी बहाने से!! ना दिन में चैन ना रात को करार है, नींद मेरी वापस दे जा किसी बहाने से!! बेचैन है दिल सासें थम सी जाती… Read More
मंगल गाओ रे सब मिलके, आज घर राम आये सबके। जीवन की नय्या पार लगाने, देखो राम विराजे है सबके।। ना लालसा है प्रभु राम को, वो चरणों मे जगह देते है सबको। दयालु है वो इस कदर, कि बिन… Read More
बहुत फक्र करते थे हम अपनों पर यार। बंद आँखों से विश्वास करते थे उन पर हम। पर पढ़ न सके उन्हें साथ रहते हुये हम। तभी तो उठा दिया जनाजा विश्वास का आज। और आँखें मेरी खोल दी, की… Read More
श्री राम कथा का करते हैं हम प्रेम से गुणगान सुणियो रै धर कै ध्यान 1 अवधपुरी के राजा दसरथ औलाद बिन लाचार हुये पुत्रेष्टि यज्ञ करवाया था जिससे पुत्र चार हुये राम ,लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न सूंदर और होनहार हुये… Read More
राखी के धागों को कलाई भेजे हैं भइया तुमको बहुत बधाई भेजे हैं रक्षाबंधन पर्व नहीं बस तारों का रक्षाबंधन पर्व न बस उपहारों का भाई-बहन का प्रेम-पर्व रक्षाबंघन सच बोलूँ तो राजा है त्यौहारों का तार-तार होते रिश्तों के… Read More
मुझे चरणों में जगह दे दो न इंकार करो। मेरे मालिक हो मुझे प्यार करो प्यार करो।। ****** डोर जब तुम से बंधी है तो कहाँ जाऊं मैं। जख्मे दिल और कहीं जाके क्यों दिखाऊँ मैं।। मरहमे जख्म हो तुम… Read More