लघु कथा : बेइंतहा प्यार

डीएम ऑफिस से आने के बाद से ही दीपमाला बहुत दुखी और परेशान थी। वह आईने के सामने खड़ी होकर अपने ढलते यौवन और मुरझाए सौंदर्य को देखकर बेतहाशा रोए जा रही थी। ऐसा लग रहा था मानो वह आईने… Read More

लोरी : नन्हे राजकुमार

मेरे नन्हे से राजकुमार करता हूं मैं तुमसे प्यार जब भी देखूं मैं तुझको  ऐसा लगता है मुझको  था मैं अब तक बेचारा और क़िस्मत का मारा आने से तेरे हो गया है दूर जीवन का हर अंधियार मेरे नन्हे… Read More

भजन : भक्ति में शक्ति

भक्ति में शक्ति बहुत है, भक्तों की सुनते है पुकार। दुनियाँ के पालन हारी, करते है कृपा तुमसब पर।। जयबोलो जयबोलो जयबोलो, आचार्यश्री की जय बोलो।। जो पूर्व में है पूर्व वाले, पश्चिम वाले उन्हें नमन करे। देख ये उत्तर… Read More

गीत : बनारस की गली में

बनारस की गली में  दिखी एक लड़की  देखते ही सीने में आग एक भड़की कमर की लचक से  मुड़ती थी गंगा  दिखती थी भोली सी पहन के लहंगा मिलेगी वो फिर से दाईं आंख फड़की बनारस की गली में… पुजारी… Read More

गीत : आज में जिओ

जो इंसानों को सिर्फ,  काम से ही जानते। उनके नामो से वो, नहीं रखते है मतलब। काम से काम तक, ही रखते है मतलब। ऐसे इंसानों को, आप क्या कहेंगे? जो सिर्फ कामों को, ही सराहते है। और अपनी इंसानियत,… Read More

कविता : शमा जाऊँगी

कभी उन्होंने देखा ही नही,  मुझे उस नजर से। जिसकी मैं उनसे, चाहत रखती हूँ। हूँ खूबसूरत तो क्या, जब उनकी निगाहें। मुझे पर ठहरती नहीं। तो क्या जरूरत ऐसे, रूप और यौवन का ? चंदन सा सुगन्धित मेरा बदन।… Read More

गीत : दिल की बेचैनी

न दिल मेरा लग रहा,  न मन मेरा लग रहा। एक अजब सी बेचैनी, मेरे दिलमें हो रही है। करु तो क्या करूँ में, दिल की बेचैनी के लिए। यदि हो कोई इलाज तो, मेरे जान तुम बता दो।। कब… Read More

गीत : देखो दुनियाँ वालो

हा हा कार मचा चारो ओर, देख रही दृश्य ये दुनियां। फिर भी लोगो के दिलो में, जिंदा बची है मानवता।। दूरी बनाकर लोगों की, लोग ही कर रहे है मदद। क्या छोटा क्या बड़ा यहां पर, सबको एक सा… Read More

व्यंग्य : मेहँदी लगा कर रखना

“मैं इसे शोहरत कहूँ, या अपनी रुस्वाई कहूँ, मुझसे पहले उस गली में, मेरे अफसाने गये” अपनी तारीफ सुनने से वंचित और और अति व्यस्त रहने  वाली नये वाले  लिटरैचर विधा की मशहूर भौजी ने खाली बैठे बैठे उकताकर अपनी … Read More

कविता : पिता क्या होते हैं?

अंदर ही अंदर घुटता है। पर ख्यासे पूरा करता है। दिखता ऊपर से कठोर। पर दिलसे नरम होता है। ऐसा एक पिता होता है।। कितना वो संघर्ष है करता। पर उफ किसी से नहीं करता। लड़ता है खुद जंग हमेशा।… Read More